- रालोद की बैठक में वक्ता बोले, शांतिपूर्ण तरीके से आंदोलन कर रहे थे किसान, पुलिस ने दिखाई बर्बरता
- बागपत में जन जागरण अभियान शुरू करेंगे रालोद कार्यकर्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत (बागपत)। रालोद कार्यकर्ताओं की बैठक में कार्यकर्ताओं और किसानों पर किए गए लाठीचार्ज की कठोर शब्दों में निंदा की गई। सर्वसम्मत्ति से किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले अफसरों पर मारपीट समेत अन्य गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने का निर्णय लिया गया। पुलिस अगर मुकदमा दर्ज नहीं करेगी तो कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। जन-जागरण अभियान चलाने और संयुक्त किसान मोर्चा दिल्ली के फैसले को मानने का निर्णय लिया गया।
बैठक की अध्यक्षता रालोद के जिलाध्यक्ष सुखवीर सिंह गठीना और संचालन युवा रालोद जिलाध्यक्ष प्रमेन्द्र तोमर ने किया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा किसानों को बलपूर्वक उठाकर धरना समाप्त कराने की घोर निंदा की। पूर्व विधायक वीरपाल राठी ने कहा कि मोदी सरकार तानाशाही रैवया अपनाकर किसानों को कुचलने का प्रयास कर रही है। इसको रालोद बर्दास्त नहीं करेगा। पूर्व विधायक अजय तोमर, पूर्व विधायक डा अजय कुमार, पूर्व प्रमुख सतेन्द्र मलिक आदि ने भी अपने विचार रखे। कृषि कानूनों को लेकर आंदोलन जारी रखने पर किसानों का समर्थन देने का निर्णय लिया गया। बैठक में राजकुमार सांगवान, अरुण तोमर बोबी, विश्वास चौधरी, अश्वनी तोमर, संजीव मान, सुरेश मलिक, मोहित मुखिया, विकास बाछौड, बसंत तोमर, नीटा, चिराग, विनोद खेड़ा, अभिलाष तोमर, सत्यब्रह्म सिंह तोमर, विपिन ढिकाना, बॉबी बावली, कुलदीप तोमर, राजू तोमर सिरसली, गौरव बड़ौत, मास्टर सुरेश राणा, वीेरेन्द्र सिंह, विक्रम आर्य, रणधीर सिंह ढिकाना मौजूद रहे।
तोमर ने दिखाए लाठियों के निशान
बागपत/बड़ौत। जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष एडवोकेट जयवीर तोमर ने पुलिस की ओर से किए गए लाठीचार्ज में कमर पर पड़े निशान दिखाए। सर्वसम्मत्ति से कार्यकर्ताओं ने किसानों पर लाठीचार्ज करने वाले पुलिस व प्रशासनिक अफसरों के खिलाफ मारपीट, डकैती और जानलेवा हमले का आरोप लगाते हुए तहरीर देने का फैसला किया। किसानों पर हमला करने के दौरान जो अधिकारी मौजूद रहे हैं, जो किसानों से बातचीत करने आए थे, उनकी पहचान कर मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।