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बड़ौत डिपो की बसें शाम के समय नहीं दे रहीं हैं सेवाएं

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बड़ौत डिपो की बसें शाम के समय नहीं दे रही हैं सेवा
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बड़ौत (बागपत)। यदि आपको शाम के समय बड़ौत से दिल्ली जाना है तो रहने दें, क्योंकि शाम होते ही बड़ौत डिपो की रोडवेज बसों के पहिया थम जाते हैं। इस कारण मजबूरी में यात्रियों को या तो अपने निजी वाहनों से दिल्ली जाना पड़ता है या फिर किसी से लिफ्ट लेनी पड़ती है। ऐसा नहीं है कि विभागीय अफसरों को इसकी जानकारी नहीं है। जानकारी होते हुए भी कार्रवाई करने के बजाए डिपो के अफसर चुप्पी साधे हैं। इससे यात्रियों में रोडवेज के प्रति आक्रोश पनप रहा है और वे रोडवेज के खिलाफ आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं।
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विभागीय रिकार्ड के अनुसार बड़ौत डिपो के पास 71 निगम की व 48 बसें अनुबंधित हैं, लेकिन अधिकांश बसों की सेवा आपको केवल दिन के समय ही मिल सकती है, क्योंकि शाम होते ही चालक व परिचालक बसों के पहिया थम देते हैं, इससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। सबसे ज्यादा परेशानी दिल्ली जाने वाले यात्रियों को होती है। बहुत से लोग दिल्ली में नौकरी करते हैं, लेकिन शाम के समय उन्हें रोडवेज के अफसरों की मनमानी के चलते परिवहन सेवाओं से वंचित रहना पड़ता है। असारा गांव निवासी आरिफ मलिक के अनुसार किसी न किसी काम से 10 या 15 दिन में एक बार दिल्ली जाना पड़ता है। उनके अनुसार उन्हें पिछले दो साल से दिल्ली जाने वाले बसें शाम को नहीं मिली है। रोडवेज बस स्टैंड से या तो वे लिफ्ट लेकर पहुंचे हैं या फिर अपने निजी वाहन से। सुनील व अमित के अनुसार विभागीय अफसर परिचालन पर ध्यान नहीं दे रहे हैं। बागपत से दिल्ली के इतने नजदीक होने के बाद भी शाम को दिल्ली की ओर बस सेवाएं बंद कर दी जाती है। भला हो सहारनपुर व लोनी डिपो के अफसरों का कि उनकी एक या दो बस शाम को मिल जाती है। बड़ौत डिपो की सेवाएं रद हैं। इससे यात्रियों में आक्रोश पनप रहा है और वे आंदोलन शुरू करने का मन बना रहे हैं। उधर, एआरएम योगेंद्र पाल का कहना है कि यात्रियों की शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है। जल्द ही इस रूट पर दिल्ली की ओर जाने वाली बसों चलवाई जाएगी।
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