बागपत। शासन के आदेश प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में ताक पर रख दिए हैं। बीएसए एमपी वर्मा ने मिड-डे मील वितरण का निरीक्षण किया, लेकिन सात विद्यालय बंद मिले। जो विद्यालय खुले मिले, वहां मिड-डे मील बनता नहीं मिला और बच्चे भी नहीं मिले।
बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. एमपी वर्मा ने खेकड़ा ब्लाक के प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। भागौट गांव में प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण के दौरान बंद। ना बच्चे थे और न ही शिक्षिका अंजू मौजूद मिली। गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय पर भी ताला लटका मिला।
इसके बाद भेड़ापुर के उच्च और प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया। यहां भी विद्यालय बंद मिला। दोनों विद्यालयों में शिक्षिका निर्मला और भावना की नियुक्ति है। रटौल का प्राथमिक विद्यालय निरीक्षण में खुला मिला, लेकिन एक भी बच्चा मौजूद नहीं था। वहां एमडीएम तैयार नहीं कराया। विद्यालय में एक शिक्षक रमेश चंद अनुपस्थित मिला। गांव के ही उच्च प्राथमिक विद्यालय भी खुला मिला। शिक्षिका तो थी, लेकिन बच्चे नहीं मिले।
निरोजपुर एम्मा गांव का उच्च प्राथमिक विद्यालय बंद मिला। खेकड़ा का उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर चार खुला मिला। बच्चा एक भी नहीं था। शिक्षक सुभाष उपस्थित मिले। कस्बे के उच्च प्राथमिक विद्यालय नंबर दो में शिक्षक मिले, बच्चे नहीं थे। पाली गांव के प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका कविता और ममता मिली।
एक शिक्षिका शिखा अनुपस्थित मिली और बच्चे भी नहीं थे। गांव का ही उच्च प्राथमिक विद्यालय पर ताला लगा मिला। न बच्चे और न ही शिक्षक मिले। बीएसए डॉ. एमपी वर्मा ने ग्रीष्मावकाश में विद्यालय न खोलने और एमडीएम की आपूर्ति न करने और अनुपस्थित रहने वाले शिक्षकों को स्पष्टीकरण देने के निर्देश दिए।