चौथे चरण के पंचायत चुनाव में बुधवार को सुरक्षा के तमाम दावों के बावजूद कई जगह जमकर बखेड़ा हुआ। गांगनौली में प्रत्याशी समर्थक भिड़ गए। कई गांवों में फर्जी वोटिंग को लेकर एजेंट और प्रत्याशियों में नोकझोंक हुई। एसपी समेत पुलिस और प्रशासनिक अफसरों ने मौके पर पहुंचकर मोर्चा संभाला। कई जगह पुलिस ने लाठियां भी भांजी।
गांगनौली गांव में पुलिस प्रशासन को पहले से ही झगड़े की आशंका थी। मतदान से एक दिन पहले भी गांव में फायरिंग हुई थी। लिहाजा पुलिस ने पहले से ही पुख्ता इंतजाम किए थे। इसके बावजूद गांव में बखेड़ा हुआ।
बुधवार को गांव के जूनियर हाईस्कूल में बने मतदान केंद्र पर फर्जी वोट डालने को लेकर प्रधान पद की प्रत्याशी सविता देवी और उनके विपक्षी प्रत्याशी धर्मेंद्र के समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। दोनाें पक्षों के समर्थक भिड़ गए। धर्मेंद्र का कहना है कि उनके भाई आशीष के साथ मारपीट की गई है, उन्होंने पुलिस अफसरों पर पक्षपात का आरोप लगाया।
सविता का कहना है कि धर्मेंद्र के समर्थकों ने ही उनके साथ झगड़ा किया है। दोनों पक्षों में तनावपूर्ण हालात देख एसपी रवि शंकर छवि काफी देर गांव में रहे। भगवानपुर नांगल गांव में दलितों के बूथ पर दो प्रधान पद के प्रत्याशियों के समर्थकों में फर्जी मतदान को लेकर कई बार झड़प हुई।
इदरीशपुर में पुलिस ने दो फर्जी मतदाताओं को पकड़ा। झुंड़पुर में भी फर्जी मतदान को लेकर कई बार माहौल गर्माया। मिलाना गांव में फर्जी मतदान को लेकर जमकर हंगामा हुआ। पुलिस ने लाठियां फटकार लोगों को मतदान केंद्र से दूर खदेड़ा।
निरपुड़ा में फर्जी वोटों को लेकर एजेंट आपस में भिड़ गए, वहां हंगामा खड़ा हो गया। पुलिस ने दो एजेंटों को हिरासत में ले लिया। बेगमाबाद गढ़ी में भी मतदाताओं को ट्रैक्टर से मतदान केंद्र के बाहर तक ले जाने पर ट्रैक्टर चालक से पुलिस कर्मियों की तीखी नोकझोंक हुई।
सिरसली गांव में फर्जी मतदान को लेकर दो प्रत्याशियों के बीच हंगामा रहा। एएसपी विद्या सागर मिश्र का कहना है कि चुनाव शांतिपूर्ण रहा। पुलिस ने कहीं पर लाठी नहीं भांजी है।