बागपत। छपरौली ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर को बचाने के लिए अफसरों ने पहले प्रमुख सचिव व डीएम की हाईकोर्ट में फजीहत कराई। अब उसी ब्लॉक प्रमुख ने अपने खिलाफ जांच शुरू होते ही हाईकोर्ट में केस कर दिया और उसमें पार्टी भी प्रमुख सचिव, डीएम, डीडीओ को बनाया गया। इनको हाईकोर्ट से नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है।
तिलवाड़ा गांव के ठेकेदार अंकुर ने छपरौली ब्लॉक क्षेत्र में तीन सीसी रोड बनवाने के बाद भुगतान नहीं करने का आरोप लगाया था। उसने कमीशन नहीं देने के कारण ब्लॉक प्रमुख समेत कई के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दी थी। यह मामला करीब छह महीने पहले हुआ और इसमें डीडीओ, बीडीओ समेत कई अधिकारियों ने ब्लॉक प्रमुख को बचाने के लिए पूरा जोर लगाया।
इस पर ठेकेदार ने बाद में प्रमुख सचिव, डीएम, डीडीओ को भी पार्टी बना दिया। तब हाईकोर्ट ने भुगतान करने का आदेश दिया तो ठेकेदार को 28 लाख रुपये की जगह एक लाख रुपये से कम का भुगतान कर दिया।
इस तरह शुरू हुआ यह विवाद अब छपरौली ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर व उनके पति के खिलाफ विकास कार्यों में घपला करने की सीएम के पास शिकायत तक पहुंच गया है। आरोप लगाए गए हैं कि छपरौली ब्लॉक में निविदाओं से लेकर टेंडरों में घपला किया गया है। कार्य पहले कराकर निविदा बाद में जारी की गई तो अन्य कई घपलों के आरोप है।
सीएम कार्यालय से सख्ती के बाद मामले में जांच के लिए क्षेत्रीय ग्राम्य विकास संस्थान के प्राचार्य के साथ ग्रामीण अभियंत्रण विभाग के सहायक अभियंता और लोनिवि के सहायक अभियंता को लगाया गया है। इस जांच को रुकवाने के लिए ब्लॉक प्रमुख अंशु खोखर ने प्रमुख सचिव, डीएम, डीडीओ के खिलाफ हाईकोर्ट में केस कर दिया। इस पर इन तीनों अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया और इनको जल्द ही मामले में शपथ पत्र देने के आदेश दिए गए।