भाजपा की बात करें, तो वर्तमान सांसद राजेंद्र अग्रवाल के टिकट पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पार्टी का एक धड़ा उनके टिकट कटने की चर्चा कर रहा है, तो दूसरे का कहना है कि वह लगातार चौथी बार चुनाव के मैदान में होंगे। वहीं बसपा का रुख साफ नजर नहीं आ रहा है कि वह कोई मुस्लिम कार्ड खेलेगी या फिर कोई और कार्ड। सपा-कांग्रेस गठबंधन में सपा का प्रत्याशी यहां से चुनाव लड़ेगा।
प्रत्याशी की घोषणा भी हो चुकी है, लेकिन टिकट को लेकर अभी भी खींचतान मची है। 2009 और 2014 में भाजपा काफी अंतर से जीती थी। 2019 में भाजपा ने जीत हैट्रिक ज़रूर लगाई, लेकिन हार-जीत का अंतर 5 हज़ार से भी कम था। एक बार तो बसपा-सपा गठबंधन के प्रत्याशी हाजी याकूब की जीत के ढोल नगाड़े भी बज गए थे। हालांकि बाद में जीत राजेंद्र अग्रवाल की हुई। इस बार चुनाव काफी रोचक होने की उम्मीद है।
भारतीय जनता पार्टी पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट, गुर्जर, ब्राह्मण, दलित और पिछड़ा वर्ग के उम्मीदवारों के नाम घोषित कर चुकी है। अब तक भाजपा ने जो प्रत्याशी घोषित किए गए हैं उनमें मुजफ्फरनगर से संजीव बालियान जाट, कैराना और अमरोहा से गुर्जर और गौतमबुद्धनगर से महेश शर्मा को टिकट देकर भाजपा ने तीनों समाज का कोटा पूरा कर दिया है। दलित और पिछड़ा वर्ग का कोटा भी पूरा हो गया है। अब क्षत्रिय समाज और वैश्य समाज के उम्मीदवारों पर निर्णय होना है।
गाजियाबाद से जनरल वीके सिंह को दोबारा टिकट मिलेगा या किसी अन्य प्रत्याशी को उतारा जाएगा, इसको लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। मेरठ में भी यही स्थिति है। तीन बार के सांसद राजेंद्र अग्रवाल को टिकट मिलेगा या किसी दूसरे प्रत्याशी पर दांव खेला जाएगा, ये अभी तक सस्पेंस बना हुआ है। पश्चिम उत्तर प्रदेश की 14 में से 8 सीटों के प्रत्याशी घोषित किए जा चुके हैं। बागपत और बिजनौर लोकसभा सीट रालोद के खाते में जा चुकी है। मेरठ, गाजियाबाद, सहारनपुर और मुरादाबाद के प्रत्याशियों पर सबकी नजरें लगी हैं।
मेरठ लोकसभा सीट के आंकड़े
साल 2019
पार्टी. प्राप्त वोट
भाजपा (विजयी) 586184
बसपा-सपा 581455
कांग्रेस 34479
साल 2014
पार्टी प्राप्त वोट
भाजपा (विजयी) 532981
बसपा 300655
सपा 211759
कांग्रेस 42911
साल 2009
पार्टी प्राप्त वोट
भाजपा (विजयी) 232137
बसपा 184991
सपा 183527
कांग्रेस 61003