एसपी देहात राकेश कुमार मिश्रा और सीओ सरधना संजय कुमार जायसवाल ने पुलिस लाइन सभागार में हत्याकांड का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि सिवालखास के वार्ड-2 हरिजन मोहल्ला निवासी किशोरीलाल मेरठ मेट्रो में काम करता था। सोमवार सुबह करीब साढ़े छह बजे वह आंबेडकर भवन के पास स्थित दुकान से दूध लेने गया था। जब वह आंबेडकर भवन के मैदान में मोबाइल पर बात करते हुए टहल रहा था, तभी उसकी कनपटी पर पिस्टल से गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक के भाई सचिन ने विकास के चार भाइयों आनंद, रविंद्र उर्फ राजू, गुलशन कुमार और आशीष निवासी सिवालखास के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कराया। पुलिस ने नामजद गुलशन निवासी और रविंद्र उर्फ राजू को सोमवार को ही गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
एसपी देहात ने बताया कि आसपास के 20 से अधिक सीसीटीवी फुटेज देखकर पुलिस ने सोमवार देर शाम मुख्य हत्यारोपी सुपारी किलर गुलशन निवासी ताजपुर थाना खतौली जनपद मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से हत्या में प्रयुक्त पिस्टल .32 बोर, चार कारतूस, मोबाइल फोन बरामद किया। गुलशन वर्तमान में सिवालखास में अपने मामा के यहां रह रहा था और प्लंबर को काम करता है। उसने बताया कि विकास के भाईयों ने विकास की हत्या का बदला लेने के लिए सुपारी देकर किशोरीलाल की हत्या कराई है।
एलानिया हत्या कराई
सिवालखास निवासी विकास की एक साल पहले गंगनहर भोला झाल में डूबने से मौत हो गई थी। किशोरीलाल और विनीत भी उसके पास थे। विकास को गंगनहर में डुबाकर मारने का आरोप लगाते हुए उसके भाई आनंद ने किशोरीलाल और विनीत को नामजद कराया था। तीन महीने पहले जानी पुलिस ने किशोरीलाल और विनीत को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
किशोरीलाल को नौ अप्रैल को जमानत मिल गई थी, जबकि विनीत अभी जेल में है। पीड़ित परिजनों का आरोप है कि जेल से बाहर आने के बाद विकास के भाई लगातार किशोरीलाल को जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसकी शिकायत सिवालखास चौकी पर की गई थी।
मां के इलाज के लिए एक लाख की सुपारी लेकर की हत्या
एसपी देहात के मुताबिक गुलशन की मां की तबीयत खराब चल रही थी। उसे इलाज के लिए रुपये की जरूरत थी। वह एक महीने पहले आनंद, गुलशन कुमार, रविंद्र उर्फ राजू, आशीष से मिला और 20 हजार रुपये की इलाज के लिए मांगे। तब उन्होंने गुलशन से कहा कि किशोरीलाल की हत्या कर दें हम तुझे एक लाख रुपये दे देगें। मां के इलाज के लिए गुलशन ने सुपारी लेकर हत्या करने के लिए हां कर दी।