फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bharat Ratna: आंदोलन की दोबारा तैयारी के बीच साधे देशभर के किसान, इन राज्यों की जाट बिरादरी होगी प्रभावित

Sat, 10 Feb 2024 01:01 PM IST
Dimple Sirohi अंकित चौहान, अमर उजाला, बागपत

सार

चौधरी चरण सिंह ने किसानों के हित के लिए आवाज उठाते हुए कभी अपना राजनीतिक नुकसान नहीं देखा। अब  किसान आंदोलन की दोबारा तैयािरयों के बीच सरकार ने चौधरी साहब को भारत रत्न देकर किसानों को साधने का प्रयास किया है।
विज्ञापन
चौधरी चरणसिंह - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बागपत में किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह को सरकार ने भारत रत्न देकर किसानों को साधने का पूरा प्रयास किया है। यह भी उस समय किया गया, जब किसान दोबारा से आंदोलन की तैयारी कर रहे हैं। ऐसे में किसानों का रुख नरम पड़ सकता है। वहीं जिन राज्यों में जाट बिरादरी है, वहां चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने के फैसले का चुनाव में ज्यादा असर दिखाई दे सकता है।

विज्ञापन


किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न देने की घोषणा करके सरकार ने सबसे ज्यादा किसानों को साधने का प्रयास किया है, क्योंकि कृषि कानूनों को लेकर किसानों को दिल्ली बॉर्डर पर बैठना पड़ा था। 

यह भी पढ़ें:  Mission 2024: वेस्ट UP में हुए सियासी नुकसान की भरपाई पर BJP की नजर, RLD कोटे से मुस्लिम की लग सकती है लॉटरी

विज्ञापन

सरकार ने कानूनों को रद्द जरूर कर दिया था, लेकिन किसानों की नाराजगी पूरी तरह दूर नहीं हुई थी और अब किसान दोबारा से एमएसपी व पराली समेत कई मामलों को लेकर किसान दोबारा से आंदोलन की तैयारी कर रहे है। 

ऐसे में सरकार की यह घोषणा किसानों का रुख नरम पड़ सकता है। वहीं सेना भर्ती में अग्निवीर को लागू करने पर भी सरकार को काफी नाराजगी झेलनी पड़ी थी। वह भी सरकार के इस फैसले से दूर हो सकती है।

जिन राज्यों में जाट बिरादरी, वहां ज्यादा असर पड़ेगा
चौधरी चरण सिंह को भारत रत्न की घोषणा से जाट बिरादरी वाले राज्यों में ज्यादा असर पड़ने की उम्मीद है, जिनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, उत्तराखंड में सबसे ज्यादा असर होगा तो बिहार, मध्य प्रदेश, आंध्र प्रदेश, जम्मू में भी प्रभाव दिखाई दे सकता है।
विज्ञापन

राजनीतिक जानकार सुखवीर सिंह गठीना कहते हैं कि चौधरी चरण सिंह किसी एक बिरादरी व वर्ग के नेता नहीं थे। वह भले ही जाट बिरादरी से ताल्लुक रखते हों, लेकिन हर बिरादरी व पार्टी के लोग उनका सम्मान करते थे।

यह जरूर है कि उन्होंने किसानों के हित के लिए ज्यादा कार्य किए और उनको किसान मसीहा माना जाता है। मगर मजदूरों के लिए भी कार्य किए। उनको भारत रत्न देने से सरकार के प्रति नरम रुख जरूर दिखाई देगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें