बड़ौत। यदि किसी व्यक्ति की त्वचा पर चकते पड़ रहे हों, तेज सिरदर्द, पीठदर्द और आंखों में दर्द हो, तेज बुखार हो, मसूढे़ और नाक से खून बह रहा हो तो इन सभी लक्षण को हल्के में न लें। तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर अपनी जांच कराकर जल्द से जल्द इलाज कराएं।
सीएचसी अधीक्षक डॉ. विजय कुमार कहते है कि कोरोना वायरस कोविड-19 के समय इन लक्षणों के प्रति लापरवाही भारी पड़ सकती है, क्योंकि इससे प्लेट लेट घटने लगती हैं। आंतरिक रक्तस्राव हो सकता है और मौत हो सकती है। उन्होंने कहा कि 31 जुलाई तक ऐसे ही रोगों के प्रति जागरूक करने के लिए संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं दस्तक अभियान चलाया जा रहा है। संचारी रोगों में मलेरिया, मस्तिष्क ज्वर के साथ ही डेंगू भी है। डेंगू, मस्तिष्क ज्वर, मलेरिया आदि मच्छर जनित रोग संचारी रोग की श्रेणी में आते हैं, क्योंकि यह किसी माध्यम से फैलते हैं।
ये बरते सावधानी
बरसात में पानी इकट्ठा होकर जमा हो जाता है, जिसमें मच्छरों के लारवा पनपने लगते हैं। मच्छरों के लारवा को समाप्त करने के लिए कूलर में ज्यादा समय से एकत्रित पानी, घर की छत पर लंबे समय तक एकत्र रहने वाला पानी तथा टूटे फूटेे पड़े प्लास्टिक के बर्तनों में इकट्ठा पानी का बार-बार निस्तारण करते रहे। पानी इकट्ठा रहने वाले स्थान पर सप्ताह में एक बार जले मोबिल का छिड़काव अवश्य ही करते रहे।