ढाई साल से टूटा पड़ा है दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को बड़ौत-मुजफ्फरनगर से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत। किसी भी शहर की सड़कें ही उसके विकास की कहानी सुनाती है। मगर, नगरपालिका बड़ौत में जर्जर सड़के और गहरे गड्ढे दुघर्टनाओं की कहानी सुनाती है। नगरपालिका चेयरमैन विकास कराने के बड़े-बड़े दावे तो कर रहे है, लेकिन इसकी हकीकत ढाई साल से टूटा पड़ा बड़ौत-बावली मार्ग बता रहा है। यह हालात तब है जब यह मार्ग दिल्ली-सहारनपुर हाईवे को बड़ौत-मुजफ्फरनगर-हरिद्वार से जोड़ने वाला मुख्य मार्ग है। गहरे गड्ढों की वजह से आए दिन वहादसे हो रहे है। लोग लगातार शिकायतें भी कर रहे है, अफसर सुनवाई नहीं कर रहे है।
700 मीटर लंबे मार्ग में कई गहरे गड्ढे
नगर के बीचोंबीच से गुजर रहा बड़ौत-बावली मार्ग की लंबाई लगभग 700 मीटर है। यह ढाई साल से पूरी तरह से टूटा पड़ा है। मार्ग में गहरे गड्ढे बन चुके है, जो बरसात में पानी भर जाने से बिल्कुल भी नहीं दिखाई देते। इस रोड पर कई शोरूम के अलावा कई प्रतिष्ठित दुकानें भी है।
बावली रोड निवासी अश्वनी चौहान का कहना था कि ढाई साल से टूटे पडे़ बड़ौत-बावली मार्ग का निर्माण नहीं हुआ है। मार्ग में बने गड्ढों के कारण आए दिन वाहन चालकों के साथ हादसे हो रहे है। सोनू तोमर का कहना है कि यदि जल्द बड़ौत-बावली मार्ग का निर्माण नहीं कराया गया तो लोग एकत्रित होकर पालिका के खिलाफ मोर्चा खोल देंगे। मनोज खोखर का कहना है कि लगातार मार्ग को बनवाने को लेकर पालिका में शिकायत की जा रही है, लेकिन न तो पालिका चेयरमैन इस ओर ध्यान दे रहे है और न ही अन्य अधिकारी।
पालिका ईओ का तर्क : आचार संहिता में नहीं करा सकता समाधान
पालिका ईओ अनुज कौशिक ने तर्क दिया। कहा कि फिलहाल चुनाव आचार संहिता लागू है, हम सरकारी लोग है। अभी न तो हम कुछ कह सकते है और न ही कुछ हल निकाल सकते है। चाहे समस्या कितनी भी बड़ी क्यों ना हो।
टेंडर प्रक्रिया पूर्ण, जल्द बनेगा मार्ग
मार्ग को बनवाने को लेकर टेंडर प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है, जल्द ही मार्ग का निर्माण कराया जाएगा। - अमित राणा, पालिका चेयरमैन।