बागपत। जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने गौना गांव के गाड़ी चालक शिव कुमार की गैर इरादतन हत्या के आरोपी विकास उर्फ हैकड़ और कर्मवीर उर्फ लीलू की जमानत याचिका खारिज कर दी। इसमें गाड़ी चालक को मृत छोड़कर आरोपी भाग गए थे।
गौना गांव निवासी रामकुमार ने नौ जनवरी को चांदीनगर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उसका बेटा शिवशंकर गाजियाबाद जिले में निजी स्कूल की गाड़ी चलाता था। सात जनवरी को गांव के ही विकास, ईश्वर और लीलू ने उसके बेटे को फोन करके कोथली देने हरियाणा के रोहतक जिले के खरखड़ा गांव जाने के लिए बड़ागांव टोल पर बुलाया। वहां लीलू की लड़की की ससुराल है। अगले दिन सुबह करीब साढ़े तीन बजे विकास, ईश्वर और लीलू अपने साथ कार में शिव कुमार को लेकर घर पहुंचे और शराब के नशे में बताते हुए छोड़कर चले गए। शिव कुमार को निजी चिकित्सक के यहां लेकर पहुंचे, जब तक उसकी मौत हो चुकी थी। इस मामले में जेल में बंद आरोपी विकास उर्फ हैकड़ और कर्मवीर उर्फ लीलू ने जमानत याचिका दायर कराई, जिसे जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार ने खारिज कर दिया।