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मस्जिद में हनुमान चालीसा पढ़ने वाले भाजपा नेता मनुपाल बंसल की जमानत

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मनुपाल बंसल व इमाम का फाइल फोटो - फोटो : BAGHPAT
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- वीडियो बनाने वाले खैला गांव निवासी ऋषिपाल के साथ पहुंचे एसडीएम कोर्ट
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- नौ नवंबर को इमाम अली हसन भी करा चुके थे अपनी जमानत
अमर उजाला ब्यूरो
बागपत। विनयपुर गांव की मस्जिद में गायत्री मंत्र और हनुमान चालीसा पढ़ने वाले भाजपा नेता मनुपाल बंसल और वीडियो बनाने वाले उनके दोस्त ऋषिपाल ने जमानत करा ली है। एसडीएम खेकड़ा के कोर्ट में पहुंचकर दोनों ने जमानत कराई। बंसल का कहना है कि भाईचारे के लिए हनुमान चालीसा पढ़ा था। उनका मकसद समाज को जोड़ना है।
विनयपुर गांव की मस्जिद में तीन नवंबर को भाजपा के जिला कार्यकारिणी सदस्य मनुपाल बंसल ने हनुमान चालीसा और गायत्री मंत्र पढ़ा था। मामले ने तूल पकड़ा तो चार नवंबर को इमाम अली हसन को मस्जिद से निकाल दिया गया था। पुलिस ने भाजपा नेता मुनपाल बंसल, इमाम अली हसन समेत 25 लोग मुचलका पाबंद किया। नौ नवंबर को इमाम अली हसन समेत 21 ग्रामीणों ने मुचलका पाबंदी में जमानत ले ली थी। अब इस मामले में मनुपाल बंसल और वीडियो बनाने वाले खैला गांव निवासी ऋषिपाल ने जमानत ले ली है। बंसल ने कहा कि वह समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं, उनका मकसद गलत नहीं था।
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मुचलका पाबंद किए गए दो युवकों ने जताई थी आपत्ति
बागपत। मस्जिद में हनुमान चालीसा पाठ के मामले में विनयपुर निवासी नकुल और शुभम ने दस नवंबर को प्रार्थना पत्र देकर अपनी उम्र कम बताते हुए एसडीएम कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई थी। आपत्ति दर्ज कराने के बाद मामले की जांच खेकड़ा पुलिस कर रही है।
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किस दिन क्या हुआ
- तीन नवंबर को भाजपा की जिला कार्यकारिणी सदस्य मनुपाल बंसल ने विनयपुर की मस्जिद में इमाम की सहमति से हनुमान चालीसा पढ़ी थी।
- चार नवंबर को गांव के मुस्लिम समाज के लोगों ने हनुमान चालीसा पढ़ने की इजाजत देने वाले इमाम अली हसन को मस्जिद से निकाल दिया था। मौलाना गांव से चले गए थे।
- पांच नवंबर को दोनों पक्षों में फैसले की गोपनीय बैठक हुई, लेकिन सहमति नहीं बनीं। पूर्व ब्लॉक प्रमुख लीलू भी गांव पहुंचे थे।
- छह नवंबर को सर्वसमाज की पंचायत की बात फैलाई गई थी, लेकिन गांव में पंचायत नहीं हुई। दिनभर पुलिसबल तैनात रहा।
- सात नवंबर को दस अन्य लोग मुचलका पाबंद हुए, अब संख्या 25 हुई। मौलाना समेत चार के खिलाफ मुकदमा दर्ज हो चुका है।
- नौ नवंबर को इमाम अली हसन समेत 21 लोगों ने एसडीएम खेकड़ा कोर्ट से जमानत कराई है। इमाम बसौद लौट गए हैं।
- 10 नवंबर को दो युवकों ने प्रार्थना पत्र देकर कहा कि उनका केस से कोई लेना-देना नहीं है। जांच पुलिस को सौंपी गई है।
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