मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्रपाल सिंह ने लुटेरे आरिफ निवासी फौलादनगर को अपराध स्वीकार करने पर सात साल की सजा सुनाई। साथ ही दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया, जिसे अदा नहीं करने पर 10 दिन की सजा बढ़ाई जाएगी।
हापुड़ जिले के हिम्मतपुर गांव निवासी नूर आलम ने वर्ष 2016 में बड़ौत कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह महिलाओं के समूह बनाकर ऋण देने वाली कंपनी में नौकरी करता है। तीन जून 2016 को अपने साथी विजय निवासी जीवनपुर जिला बुलंदशहर के साथ इदरीशपुर से किस्त के रुपये लेकर बड़ौत जा रहे थे।
दो बाइकों पर आए तीन बदमाशों ने ओसिक्का नहर की पटरी पर तमंचा दिखाकर उन्हें रोक लिया। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर 34 हजार 830 रुपये, मोबाइल, एटीएम कार्ड, विजय से दो हजार रुपये, मोबाइल और एटीएम कार्ड लूटकर भाग गए।
पुलिस ने आरोपी आरिफ और उसके साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसमें आरिफ की पत्रावली पर अलग सुनवाई हुई। आरिफ ने सोमवार को अपना अपराध स्वीकार कर कम सजा सुनाई जाने की गुहार लगाई। इस पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनींद्रपाल सिंह ने आरिफ को सात साल की सजा सुनाई और दो हजार रुपये अर्थदंड लगाया।
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