सिंघावली अहीर में आंधी आने से विद्युत केंद्र पर क्षतिग्रस्त हुए विद्युत उपकरण।
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जिले में बुधवार देर शाम आई आंधी और बारिश ने ऊर्जा निगम पर बिजली गिरा दी। रातभर जिला अंधेरे में डूबा रहा तो दूसरे दिन बृहस्पतिवार शाम तक भी सभी गांवों तथा कस्बों की आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। खंभे एवं लाइनों के टूटने और ट्रांसफार्मरों के क्षतिग्रस्त होने से ऊर्जा निगम को आठ करोड़ रुपये की चपत लगी, तो बिजली नहीं मिलने से 16 लाख लोगों की नींद उड़ी रही।
आंधी से जिले के 32 केवी क्षमता के सभी 82 उप केंद्रों पर ब्रेकडाउन आ गया। इन उप केंद्रों को 132 केवी क्षमता के उप केंद्रों से बिजली मिलनी बंद हो गई, क्योंकि जगह-जगह खंभे तथा लाइनों के तार टूट गए। खंभों के टूटने से दर्जनों ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गए। औद्योगिक क्षेत्र बागपत में भी कई बिजली के खंभे तथा लाइनें टूट गई।
बागपत शहर में कृष्णा एंक्लेव, बागपत बाईपास, दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर पाली गांव के पास, सिसाना, गौरीपुर, निवाड़ा, काठा, नैथला और सरूरपुरकलां समेत जिलेभर में खंभे तथा लाइनें क्षतिग्रसत हो गई।
बुधवार को रातभर सभी 281 गांवों तथा नौ नगर निकायों में बिजली आपूर्ति ठप होने से 16 लाख लोग परेशान रहे। हालांकि ऊर्जा निगम के कर्मचारी ब्रेकडाउन अटेंड कर बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए जुझते रहे। मगर दूसरे दिन बृहस्पतिवार की शाम तक 33 केवी के 32 उप केंद्रों से संबंधित क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। ऊर्जा निगम को भी आठ करोड़ रुपये की चपत लगी है। नुकसान और बढ़ सकता है, क्योंकि नुकसान के आकलन का काम जारी है।
पेयजल आपूर्ति रही बाधित, लोग रहे परेशान
बिजली आपूर्ति ठप रहने से जिले के गांव और शहरों में पेयजल आपूर्ति भी बाधित रही। गांवों में सबमर्सिबल पंप बंद रहे तथा 85 गांवों में पेयजल परियोजनाओं से पानी की आपूर्ति नहीं हो पाई। बागपत शहर में ही पेयजल आपूर्ति नहीं होने से करीब 80 हजार लोग परेशान रहे।
बागपत के भजन विहार कालोनी के दिनेश कुमार तथा बबीता शर्मा ने कहा कि बिजली नहीं मिलने से रातभर मच्छरों का हमला झेला और दिन निकलने पर पेयजल संकट का सामना करना पड़ा। हैंडपंपों पर पानी भरने के लिए महिलाओं-पुरुषों और बच्चों की लाइन लगी रही।
बिनौली की ओमबीरी, संगीता, राकेश और पूनम ने कहा कि पानी नहीं मिलने से बुरा हाल रहा। इसलिए पड़ोसी से अनुरोध कर जनरेटर चलवाकर उनके सबमर्सिबल से पानी भरकर घर लाए।
ऊर्जा निगम को नुकसान
-430 सीमेंट के खंभे टूटकर गिर पड़े
-80 लोहे वाले खंभे क्षतिग्रस्त हो गए
-16 ट्रांसफार्मर गिरकर क्षतिगस्त हुए
-50 किमी लाइनों के तार क्षतिग्रस्त
-100 ट्रांसफार्मर के केबिल टूट गए
-82 उप केंद्रों पर रात में ब्रेकडाउन
-50 उप केंद्रों से आपूर्ति हुई बहाल
-32 उप केंद्रों पर चलता रहा काम
ये बोले अधीक्षण अभियंता
आंधी से खंभे टूटने, लाइनें तथा ट्रांसफार्मर आदि क्षतिग्रस्त होने से आठ करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। 70 उप केंद्रों पर ब्रेकडाउन अटैंड कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी। बाकी उप केंद्रों पर काम चल रहा है। - केपी खान, अधीक्षण अभियंता, ऊर्जा निगम