साधुओं का कहना था कि यह जमीन दातानाथ मंदिर की है और उस पर गौशाला नहीं बनने दी जाएगी। यहां हमारे नाथ गुरु दातानाथ की समाधि है। साधुओं ने अन्य साधुओं को भी फोन करके मौके पर बुला लिए। इस दौरान बीडीओ व पुलिस के साथ साधुओं की काफी नोकझोंक हुई। हंगामा बढ़ने पर पहुंचे महंत शांतिनाथ ने कहा कि इस तरह से उनका उत्पीड़न किया गया तो वह अपने नाथ संप्रदाय के मुखिया और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की शिकायत करेंगे।
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मामला आला अधिकारियों के पास पहुंचा तो एसडीएम सुभाष सिंह भी वहां पहुंच गए। वहां काफी देर तक खींचतान के बाद तय हुआ कि गौशाला की चाहरदीवारी कराई जाएगी और उसका गेट अशरफाबाद थल मार्ग पर बनाया जाएगा। इस पर साधु शांत हो गए और कार्य शुरू कर दिया गया।