बागपत में मां-बेटियों की मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई।
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बागपत में पुलिस की दबिश के दौरान महिला व उसकी दो बेटियों के जहर निगलने से तीनों की मौत के मामले में दरोगा पर गाज गिर गई। एसपी ने दरोगा को निलंबित कर दिया है। वहीं एसपी ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया है। क्राइम ब्रांच की महिला इंस्पेक्टर समेत दो इंस्पेक्टर एसआईटी में शामिल किए। एएसपी की देख-रेख में ही जांच होगी।
मां और दो बेटियों की हो चुकी मौत
छपरौली के गांव बाछौड़ में पुलिस की अभद्रता से आहत होकर जहर निगलने वाली महिला गीता और उसकी बेटी प्रीति की बुधवार रात मेरठ में उपचार के दौरान मौत हो गई। बड़ी बेटी स्वाति ने दो दिन पहले दम तोड़ दिया था। परिवार के तीन सदस्यों की मौत से गुस्साए ग्रामीणों और परिजनों ने गुरुवार शाम मां-बेटी के शव गांव में पहुंचने पर जाम लगा दिया।
बताया गया कि पोस्टमार्टम के बाद गीता और उसकी बेटी प्रीति के शव गुरुवार शाम करीब चार बजे गांव पहुंचे। शव पहुंचते ही हंगामा शुरू हो गया। शव लेकर पहुंचे वाहन के आगे महिलाएं बैठ गईं और सड़क पर जाम लगा दिया। ये लोग दोषी दरोगा सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग कर रहे थे। साढ़े चार घंटे बाद रात करीब 8:30 बजे ग्राम प्रधान ने 75 लाख रुपया मुआवजा पीड़ित परिवार को देने की मांग करते हुए एक पत्र डीएम और एसपी को सौंपा। दोनों अधिकारियों के शासन को संस्तुति करने के आश्वासन पर ग्रामीणों ने जाम खोल दिया।
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पुलिस की अभद्रता से आहत होकर खाया था जहर
बाछौड़ गांव निवासी प्रिंस करीब 15 दिन पहले क्षेत्र की ही युवती को लेकर चला गया था। 24 मई को पुलिस युवती के परिजनों के साथ छत के रास्ते प्रिंस के घर में घुसी, उस समय घर पर महिला गीता और उसकी दो बेटी स्वाति व प्रीति ही थी। आरोप है कि पुलिस की अभद्रता से आहत होकर इन्होंने विषाक्त पदार्थ निगल लिया। स्वाति ने उसी दिन दम तोड़ दिया था।
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