ये है नियम
ऊर्जा निगम के अफसरों के अनुसार जो भी किसान नलकूप का बिल जमा करता है, उसके बिल पर 15 प्रतिशत अतिरिक्त कैपेसिटर चार्ज लगता है। वर्ष 2014-2015 से लेकर वर्ष 2021 तक एक औसत नलकूप का बिल 1650 रुपये होता था। इस बिल में लगभग 245 रुपये अतिरिक्त किसानों से कैपेसिटर चार्ज के नाम पर वसूला जाता था।
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पहले से ही किसान बकाया गन्ना भुगतान, बढ़ी विद्युत दरों सहित आवारा पशुओं की समस्याओं से दुखी है, ऊपर से ऊर्जा निगम खराब पड़े कैपेसिटर बैंक के नाम पर चार्ज वसूलता रहा, यह बिल्कुल गलत है। प्रदेश सरकार को किसानों की हालत को देखते हुए वसूले गए कैपेसिटर चार्ज को वापस करना चाहिए।
- राजेंद्र चौधरी, प्रदेश उपाध्यक्ष, भाकियू
ऊर्जा निगम के अफसरों ने प्रत्येक नलकूप धारक किसान से बिजली बिल पर 15 प्रतिशत कैपेसिटर चार्ज वसूलने का आदेश दिया था। इसके तहत कार्रवाई अमल में लाई गई। फिलहाल वर्ष 2021 से कैपेसिटर चार्ज किसानों से नहीं लिया जा रहा है।
- प्रथम गोपाल सिंह, एक्सईएन