12 मई 2023 को तत्कालीन प्राचार्य डॉ. अनीता के सेवानिवृत्त होने के बाद डॉ. प्रविता खत्री को स्थायी प्राचार्य का दायित्व सौंपा गया था। तब से करीब तीन वर्ष से वह अकेले ही शिक्षण कार्य के साथ प्राचार्य की जिम्मेदारी निभा रही हैं। जिले के इकलौते गर्ल्स डिग्री कॉलेज की यह स्थिति गुणवत्तापूर्ण उच्च शिक्षा और पर्याप्त शिक्षकों की उपलब्धता के सरकारी दावों पर सवाल खड़े करती है।
सुबह फाइलें, दिनभर क्लास... शाम तक संभालती हैं कॉलेज
डॉ. प्रविता खत्री खुद शारीरिक शिक्षा की प्रोफेसर होने के साथ प्राचार्य, केंद्र व्यवस्थापक और परीक्षा प्रभारी की जिम्मेदारी भी निभा रहीं हैं। सबसे पहले विश्वविद्यालय से जुड़े पत्राचार, परीक्षा संबंधी तैयारियां, छात्रवृत्ति, प्रवेश और अन्य प्रशासनिक फाइलों का निस्तारण करतीं हैं। इसके बाद छात्राओं की कक्षाएं, शैक्षणिक गतिविधियां और कॉलेज की व्यवस्था संभालतीं हैं। छात्राओं को नोट्स, अध्ययन सामग्री और परीक्षा संबंधी मार्गदर्शन उपलब्ध कराने का प्रयास करती हैं।
एक ही प्रोफेसर पूरे कॉलेज की जिम्मेदारी निभा रही हैं। सभी विषयों के शिक्षक होने चाहिए, क्योंकि विषय विशेषज्ञ का मार्गदर्शन किसी नोट्स का विकल्प नहीं हो सकता। - स्वाति, छात्रा बीए
शिक्षिकाओं की कमी का असर छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ रहा है। शासन, जिला प्रशासन और कॉलेज प्रबंधन को इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करानी चाहिए, ताकि सभी विषयों की नियमित पढ़ाई हो सके और छात्राओं का भविष्य प्रभावित न हो। - प्रिया, छात्रा बीए
अल्पसंख्यक संस्थान होने के कारण कॉलेज नियमित नियुक्तियां नहीं कर सकता। असिस्टेंट व एसोसिएट प्रोफेसरों के साथ ही प्रोफेसरों की नियुक्ति के लिए उत्तर प्रदेश उच्च शिक्षा निदेशालय को कई बार पत्र भेजे जा चुके हैं। आयोग के गठन के बाद कॉलेज से मांगा गया अनापत्ति प्रमाण पत्र भी भेज दिया गया है। अब नियुक्ति प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। - अमित राय जैन, सचिव, जैन स्थानकवासी गर्ल्स डिग्री कॉलेज प्रबंध समिति