नौ साल से रकम वापसी का इंतजार
पीड़ित किसान सिरसली गांव निवासी ओमपाल, ब्रजपाल, बिजरौल निवासी कपिल, मलकपुर निवासी नरेंद्र और बड़ौली निवासी मनोज का कहना है कि वर्ष 2016-2017 व वर्ष 2017-2018 में हुए इस घोटाले की जानकारी मिलने पर शिकायत करने की चेतावनी दी थी।
तब कार्रवाई होने के डर से दोषी कर्मचारियों ने शपथपत्र देकर गड़बड़ी स्वीकार की थी और रकम लौटाने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक धनराशि नहीं मिली है। इसलिए अब इस मामले का खुलासा करना पड़ रहा है।
केस नंबर एक
सिरसली गांव के ऊधम सिंह का कहना है कि उन्होंने कभी खाद नहीं ली। इसके बावजूद मेरे खाते से 79,849 रुपये काट लिए गए। बैंक में शिकायत की गई तो बताया गया कि सहकारी गन्ना समिति के खाद बकाये की रकम काटी गई है। वह अपने रुपये वापस लेने के लिए समिति के चक्कर काट रहे हैं, मगर अभी तक रुपये नहीं मिले।
केस नंबर दो
सिरसली गांव के ऋषिपाल ने बताया कि उनके खाते से 1.62 लाख रुपये काट लिए गए। उन्होंने केवल 15 हजार रुपये का खाद ली थी। अब डीएम व सीडीओ को दोषी कर्मचारियों द्वारा दिए गए शपथ पत्र को साक्ष्य के रूप में लगाकर शिकायत की गई है। आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और किसानों का पैसा वापस मिलना चाहिए।
किसानों ने इस संबंध में डीएम और सीडीओ से शिकायत की थी। फिलहाल सीडीओ ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसकी जांच मुझे सौंपी है। किसानों के साथ किसी प्रकार की धोखाधड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। -अशर्फी लाल, जिला गन्ना अधिकारी