बड़ौत में निजीकरण पर रोक समेत 13 सूत्रीय मांग पूरी न होने के विरोध में उर्जा कर्मचारियों ने धरना प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के आश्वासन के बाद समस्या का निदान न होने पर नाराजगी जताई। 13 सूत्रीय मांग पूरी न होने पर फिर से कार्य बहिष्कार कर हड़ताल शुरू करने की चेतावनी भी दी।
उत्तर प्रदेश के बड़ौत में निजीकरण पर रोक समेत 13 सूत्रीय मांग पूरी न होने के विरोध में मंगलवार को ऊर्जा निगम के कर्मचारियों ने एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर एकत्रित होकर प्रदर्शन किया और जल्द मांग पूरी न होने पर दोबारा से कार्य बहिष्कार कर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।
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विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष के जिला संयोजक मनोहर सिंह तोमर के नेतृत्व में काफी संख्या में कर्मचारी एक्सईएन प्रथम कार्यालय पर एकत्रित हुए और प्रदर्शन किया। मनोहर सिंह तोमर ने बताया कि बिजली संशोधन विधेयक में संशोधन पर सहमति बनी थी, लेकिन अभी तक संशोधन नहीं कराया गया।
इसके अलावा बिजली कर्मचारियों व अभियंताओं को पूर्व की भांति 19 वर्ष की सेवा के उपरांत पदोन्नत पद के अनुरूप समयबद्ध वेतनमान देने, कैशलेस उपचार की सुविधा, ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लेने, उपकेंद्रों को आउट सोर्सिंग के माध्यम से परिचालन व अनुरक्षण कराने के आदेश निरस्त करने की मांग को लेकर हड़ताल शुरू की थी।
बाद में हड़ताल का उग्र रूप देख प्रदेशीय स्तर पर जल्द से जल्द मांगों को पूरा कराने का आश्वासन देकर हड़ताल स्थगित कराई गई थी, लेकिन आश्वासन का समय बीत जाने के बाद भी मांग पूरी नहीं हुई। उन्होंने जल्द मांग पूरी न होने पर उग्र आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी।