खट्टा प्रहलादपुर गांव में बुधवार रात लोहे के मुख्य दरवाजे को बंद करते समय कंवरपाल को करंट लग गया। उन्हें बचाने आया भतीजा भी दरवाजे से चिपक गया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
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बागपत के रटौल स्थित खट्टा प्रहलादपुर गांव में बुधवार रात करीब साढ़े दस बजे मकान का लोहे का दरवाजा बंद करते समय अप्रशिक्षित चिकित्सक कंवरपाल प्रजापति (50) करंट की चपेट में आ गए। उनको बचाने आया दिल्ली में रेपिडो चलाने वाला भतीजा दीपक प्रजापति (35) भी चपेट में आ गया। मौके पर ही चाचा-भतीजा की मौत हो गई। पड़ोसी छोटू ने हाथ पर शॉल बांधकर दोनों को दरवाजे से अलग किया।
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खट्टा प्रहलादपुर गांव के छोटू ने बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले कंवरपाल गांव में ही क्लीनिक चलाते थे। वह बुधवार रात अपने मकान का मुख्य दरवाजा बंद कर रहे थे, जो लोहे का बना हुआ है। उस दरवाजे में करंट आया हुआ था और कंवरपाल नंगे पैर थे। उन्होंने दरवाजे को हाथ लगाया तो वह उससे चिपक गए।
वह काफी देर तक अंदर नहीं गए तो परिजनों ने देखा कि उनको करंट लगा हुआ है। तभी भतीजे दीपक ने उनको दरवाजे से अलग करने का प्रयास किया। दीपक भी नंगे पैर था और उसने अपने चाचा को वहां से हटाने के लिए पकड़ लिया। दीपक भी करंट की चपेट में आकर वहां चिपक गया।
परिजनों के शोर मचाने पर पड़ोसी छोटू भागकर गया और उसने दोनों को दरवाजे से अलग करने का प्रयास किया, लेकिन उसे भी करंट का झटका लगा। छोटू ने जूते पहने हुए थे, इसलिए वह बच गया। झटका लगने के बाद छोटू ने हाथ पर शॉल लपेट लिया और उसके बाद कंवरपाल व दीपक को दरवाजे से अलग किया। परिजन दोनों को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
छोटू ने बताया कि दरवाजे में करंट किस कारण से आया, यह पता नहीं लग सका। यह माना जा रहा है कि उसके पास से अंदर से कोई तार गुजर रहा है और वह कटकर दरवाजे के किस्सी हिस्से में अंदर ही टच हो गया है। इस कारण दरवाजे में करंट आ गया और कंवरपाल व उनके भतीजे दीपक की मौत हो गई। सीओ खेकड़ा रोहन चौरसिया ने बताया कि एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत हुई है। दरवाजे में करंट कैसे आया, इसका पता किया जा रहा है।
कंवरपाल की पत्नी की एक साल पहले हुई थी मौत
कंवरपाल की पत्नी की एक साल पहले हार्टअटैक से मौत हो गई थी। उनके दो बेटे अंकित व सौरव रह गए हैं। वहीं दीपक दो भाइयों में बड़े थे। इनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन साल की बेटी और डेढ़ साल का बेटा है। इन छोटे बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया।
शोर सुनकर पहुंचे आसपास के लोग
छोटू ने बताया कि जब दोनों को करंट लगा तो परिवार के लोगों ने शोर मचाया और आसपास के लोग वहां पहुंच गए, जो उनको दरवाजे से दूर करने के प्रयास में लग गए। वह डंडे से नहीं हटाए जा सके तो हाथ पर शॉल बांधकर उनको हटाया जा सका।