हलालपुर मार्ग पर शटरिंग में लगी बल्ली टूटने से लिंटर भरभराकर गिर गया। हादसे से गुस्साए लोगों ने शव रखकर पांच घंटे तक हंगामा किया। आर्थिक मदद दिलाने और पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग पर अड़े रहे।
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हलालपुर मार्ग पर बुधवार दोपहर करीब तीन बजे निर्माणाधीन आटा मिल का लिंटर भरभराकर गिर गया। इसके मलबे में दबने से शटरिंग ठेकेदार अंकित (40) निवासी पट्टी जगमलान छपरौली की मौत हो गई। वहीं राजमिस्त्री सत्यवीर, मजदूर हरिओम निवासी सिनौली और सावन निवासी हलालपुर घायल हो गए। दो घंटे की मशक्कत के बाद अंकित का शव निकाला गया। वहां आए लोगों ने आर्थिक मदद दिलाने और पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग को लेकर शव रखकर चार घंटे तक हंगामा किया।
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कस्बे में किराना की दुकान करने वाले सत्यवीर कश्यप हलालपुर मार्ग पर आटा मिल का निर्माण करा रहे हैं। पिछले चार दिन से वहां लिंटर डाला जा रहा है। बुधवार दोपहर शटरिंग ठेकेदार अंकित के साथ राजमिस्त्री सत्यवीर निवासी हलालपुर, मजदूर हरिओम, नीरज, सोनू और सावन काम कर रहे थे। राजमिस्त्री सत्यवीर और हरिओम ऊपरी मंजिल पर लिंटर डाल रहे थे, तभी बीम के नीचे लगी बल्ली टूट गई।
ठेकेदार अंकित ने नीचे आकर सावन के साथ मिलकर दूसरी बल्ली लगा दी, तभी दूसरी बल्ली भी टूट गई। इससे लिंटर का सारा मलबा भरभराकर गिर गया। सावन समेत कई मजदूर शोर मचाते हुए वहां से बाहर भाग गए, जबकि अंकित मलबे में दब गया। ऊपरी मंजिल पर काम कर रहे सत्यवीर और हरिओम नीचे गिरने से घायल हो गए। घायलों का बड़ौत सीएचसी में उपचार कराया गया, जहां हरिओम की हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उधर, लोगों ने खुद ही मलबा हटाकर दो घंटे की मशक्कत के बाद अंकित को बाहर निकाला।
लोग हंगामा करते रहे, अफसर समझाते रहे
हलालपुर गांव के बिजलीघर के पास निर्माणाधीन आटा मिल का लिंटर गिरने पर शटरिंग ठेकेदार की मौत होने पर लोगों ने हंगामा शुरू कर दिया और वहां धरना देकर बैठ गए। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने का प्रयास किया, लेकिन रात नौ बजे तक शव नहीं उठाने दिया। सीओ अंशु जैन समेत अन्य अफसरों ने लोगों को किसी तरह समझाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।
पहले लापरवाही का आरोप, फिर कार्रवाई से इंकार
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मजदूरों से पूछताछ की। पुलिस की प्रथमदृष्टया जांच में मजदूरों के शटरिंग लगाने में लापरवाही सामने आई है। हालांकि मृतक अंकित के परिवार वाले पहले लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ कार्रवाई और बाद में कार्रवाई से इंकार करते दिखे।
तीन बच्चों के सिर से उठा पिता का साया
अंकित की शादी करीब आठ साल पहले इदरीशपुर निवासी रेनू से हुई थी। उसके तीन बच्चे लक्की, लविश और प्रियांशु हैं। चचेरे भाई अंकुर ने बताया कि अंकित पिछले चार दिन से हलालपुर में काम कर रहा था। पिता बिल्लेंदर और भाई मंजिल व अनुज भी मजदूरी करते हैं।
मलबा गिरने की आवाज सुनते ही दौड़े किसान और मजदूर
लिंटर गिरने की तेज आवाज काफी दूर तक गई। आवाज सुनते ही आसपास खेतों में काम कर रहे किसान और मजदूर भी निर्माणाधीन आटा फैक्टरी की तरफ दौड़े पड़े। उन्होंने अंकित को मलबे से निकालने में मदद भी की।
पूर्व प्रधान का बेटा है मिल मालिक
निर्माणाधीन आटा मिल के मालिक सत्यवीर कश्यप के पिता बच्चन सिंह दो बार गांव के प्रधान रह चुके हैं। इसके अलावा सत्यवीर कश्यप खुद भी छपरौली विधानसभा से निर्दलीय चुनाव लड़ चुके हैं।
सीओ ने ये कहा
मृतक के परिजनों को समझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पूरे मामले में शटरिंग सही से नहीं लगने की बात सामने आई है। इसमें देखा जा रहा है कि किसकी लापरवाही से हादसा हुआ है, शिकायत के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। -अंशु जैन, सीओ बड़ौत