बागपत जनपद में दोघट क्षेत्र के पलड़ा गांव के जंगल में 12 दिन पहले हुई बाबू कुरैशी की हत्या का पुलिस ने गुरुवार को खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक हत्या रुपये के लेन-देन में मोबाइल के चार्जर के डाटा केबल से गला घोंट कर की गई थी। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनकी निशानदेही पर वारदात में प्रयुक्त एक कार, मृतक का आधार कार्ड व बैंक पासबुक बरामद की है।
थाना प्रभारी कौशलेंद्र सिंह ने बताया कि 30 मार्च को शामली के कांधला कस्बा निवासी बिलाल कुरैशी ने दोघट थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके पिता बाबू कुरैशी की हत्या कर शव को पलड़ा गांव के जंगल में फेंक दिया गया। इस मामले की जांच में जिकरू रहमान व शकील सलमानी निवासी कांधला के नाम प्रकाश में आए थे। पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो हत्या करना स्वीकार किया।
आरोपियों ने बताया कि बाबू कुरैशी ब्याज पर रुपये देता था। दोनों आरोपियों ने बाबू से ब्याज पर 30 हजार रुपये ले रखे थे। वह 36 हजार रुपये ब्याज के रूप में दे चुके थे, मूल राशि में अभी तक कोई कमी नहीं हुई थी। बाबू अपने रुपये के लिए दोनों की बेइज्जती करता था। इस पर दोनों ने उसकी हत्या करने की साजिश रची।
वहीं साजिश के तहत 28 मार्च को दोनों बाबू को मेरठ से रुपये दिलाने की बात कह कर अपने साथ सेंट्रो कार में ले आए। रास्ते में उसे पलड़ा गांव के जंगल में ले जाकर मोबाइल के चार्जर के डाटा केबल से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को वहीं छोड़कर घर आ गए। पुलिस ने दोनों की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सेंट्रो कार, मृतक का आधार कार्ड, बैंक पासबुक बरामद की है।