बताया गया कि 10 अक्तूबर को गाजियाबाद प्रशासन ने किसानों पर लाठीचार्ज कर धरना समाप्त कराने का प्रयास किया था। इसके बाद ही महापंचायत बुलाने की घोषणा की गई थी। जिस पर गुरुवार को घिटौरा गांव में भारतीय किसान यूनियन (अंबावता) की ओर से महापंचायत हुई। महापंचायत में यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषिपाल सिह ने कहा कि किसानों का उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि किसानों के साथ अभद्रता बंद नहीं की गई तो प्रदेश भर के डीएम कार्यालय पर ताला जड़ दिया जाएगा और सड़क रोको-रेल रोको आंदोलन चलाया जाएगा। भूमि अधिग्रहण को लेकर किसानों के साथ नौ सूत्रीय समझौता हुआ था, उसी आधार पर किसानों की मांगे पूरी की जाए। उन्होंने मांगें पूरी नहीं होने तक धरना जारी रखने की बात कही और अधिकारियों का रुख देखकर आंदोलन को आगे बढ़ाते रहने की बात कही। महापंचायत की अध्यक्षता महेंद्र त्यागी व संचालन मनोज प्रधान ने किया।
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ये हैं किसानों की मांगें
किसानों का कहना था कि समझौते के अनुसार यूपीएसआईडीसी भूमि पर काबिज होने से पहले सड़क, नाली, पानी की निकासी की व्यवस्था और दस प्रतिशत अविकसित भूमि के बदले दस प्रतिशत विकसित भूमि किसानों को देगी। किसानों को मुआवजा बढ़ाकर दिया जाए। गांव के समीप बालिका इंटर कॉलेज, बिजलीघर, एक स्टेडियम का निर्माण कराया जाए, युवाओं को रोजगार देने, गाजियाबाद से ट्रोनिका सिटी तक बनने वाले एलिवेटिड रोड पर घिटोरा गांव के समीप पाबी, अगरोला के आसपास गांवों को जोड़ने के लिए कट दिए जाए।