फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: भाकियू की महापंचायत में 25 करोड़ के भुगतान का आश्वासन, टिकैत बोले- थाने से जबरन खींच लाएं ट्रैक्टर-ट्रॉली

Tue, 18 Oct 2022 07:01 PM IST
कपिल kapil अमर उजाला ब्यूरो, बागपत

सार

बागपत में आज भाकियू की महापंचायत हुई। महापंचायत के दौरान दीपावली तक 25 करोड़ के भुगतान का आश्वासन मिला।
विज्ञापन
भाकियू नेता व किसान - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कलक्ट्रेट में मंगलवार को महापंचायत में सैंकड़ों किसान ट्रैक्टर-ट्राली लेकर पहुंचे और कलक्ट्रेट को ट्रैक्टर से भर दिया। इस पर महापंचायत में भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत ने कहा कि यदि रेत से भरी व अन्य सामान लेकर जाते ट्रेक्टर-ट्राली को पुलिस पकड़ लेती है तो थाने व चौकियों से जबरन खींचकर ले आएं।
विज्ञापन


किसान महापंचायत में नरेश टिकैत ने एलान किया कि अपने यहां नलकूपों पर मीटर नहीं लगने दें। जिन जगहों पर नलकूपों पर मीटर लगा दिए हैं, वहां किसान उनको उखाड़कर फेंक दें। यदि कोई उनके खिलाफ एफआईआर कराता है तो एकता का परिचय देते हुए कुर्बानी देने से पीछे न हटें। क्योंकि किसानों को एक बार फिर कुर्बानी देनी पड़ सकती है।

यह भी पढ़ें: हस्तिनापुर में बड़ा हादसा: अचानक गंगा में समा गई नाव, दर्जनों लोग डूबे, मौके पर DM-SSP, तलाश जारी
विज्ञापन
विज्ञापन

कहा कि भाकियू हमेशा किसानों के साथ खड़ा है और उनकी मांगों को पूरा कराया जाएगा। महापंचायत में किसानों के बीच पहुंचे अधिकारियों ने 15 नवंबर तक 150 करोड़ रुपये का गन्ना राशि बकाया भुगतान कराने का आश्वासन दिया। जिसपर किसानों ने सहमति जताते हुए कलक्ट्रेट में चल रहा धरना स्थगित कर दिया।

भाकियू के तेवर रहे तलख, फोन नहीं उठाया तो अफसरों को भुस भरने की चेतावनी

कलक्ट्रेट में मंगलवार को महापंचायत में भाकियू नेताओं के तेवर काफी तल्ख दिखाई दिए। भाकियू अध्यक्ष नरेश टिकैत ने पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों को साफ चेतावनी देते हुए कहा कि अगर यूनियन के नेताओं का फोन नहीं उठाया तो भुस भर देंगे। वहां केंद्र व प्रदेश सरकार पर नेताओं ने खूब भड़ास निकाली और उनको किसान विरोधी बताया।

कलक्ट्रेट में किसानों ने गन्ना राशि भुगतान, विजिलेंस टीम के छापा मारकर उत्पीड़न करने, आवारा पशुओं से निजात दिलाने, नलकूपों पर मीटर न लगाने, ट्रैक्टर-ट्राली का चालान न काटने आदि मांगों को लेकर महापंचायत का एलान किया था। महापंचायत में पहुंचे किसानों ने ट्रैक्टर-ट्राली से कलक्ट्रेट को भर दिया। जहां से अधिकतर अधिकारी अपनी गाड़ियां लेकर चले गए और वहां केवल ट्रैक्टर-ट्रालियां ही खड़ी दिखाई दी। वहां पहले भाकियू व अन्य पार्टियों के नेताओं ने किसानों को संबोधित किया। 

दोपहर करीब तीन बजे भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत पहुंचे और उन्होंने कहा कि आज महंगाई बढ़ती जा रही है और इसका खामियाजा किसानों को उठाना पड़ रहा है। सरकार चुनाव के समय जो वादे करती है, उनपर खरा नहीं उतरती है। केंद्र व प्रदेश सरकार किसानों के बीच फूट डालकर उनको इधर उधर करना चाहती है, क्योंकि उनके भी किसान संगठन बने है और उनको किसानों के बीच भेजकर भाकियू के खिलाफ भड़काया जाता है।

उन्होंने किसानों से कहा जाता है कि वह उनको लूट रहे है, लेकिन किसान अपना भला-बुरा समझते है। किसान किसी भी बहकावे में न आए और एकता का परिचय देते हुए संगठन के साथ खड़े रहे। कहा कि यदि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 450 रुपये प्रति क्विंटल गन्ना मूल्य कर दे तो वह समझेंगे कि वह किसान हितैषी है। लेकिन उनको नहीं लगता कि वह यह कदम उठाएंगे।

वहां जिलाध्यक्ष प्रताप गुर्जर, रालोद महासचिव अहमद हमीद, जिला बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष सोमेन्द्र ढाका, प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र प्रधान, प्रदीप धामा, बिजेंद्र मवीकलां, हरेंद्र दांगी, हिम्मत सिंह, भीम सिंह दांगी, सेंसर पाल सिंह, पिंटू सिंह, इंदरपाल सिंह, रालोद के पूर्व जिलाध्क्ष जगपाल तेवतिया, शिवदत्त शर्मा, धूम सिंह भगतजी, राजबीर पहलवान, शिवकुमार, शौकीन प्रधान, शैलेंद्र नैन, महक सिंह आदि मौजूद रहे। 

इन मांगों पर बनी सहमति, तब धरना स्थगित हुआ

कलक्ट्रेट में पिछले 28 दिन से चल रहा धरना मंगलवार को मांगे पूरी होने पर स्थगित हो गया। एडीएम प्रतिपाल चौहान किसानों के बीच पहुंचे और उनकी घंटों तक वार्ता चली। एडीएम ने कहा कि दिवाली तक किसानों के खाते में 25 करोड़ का भुगतान, पंद्रह नवंबर तक 150 करोड़ खातों में भेजने का आश्वासन, आवारा पशुओं को गोशाला में भेजने, किसानों के नलकूपों व घरों से बिजली कनेक्शन बकाया गन्ना भुगतान न होने तक न काटने, खेत में अलाव जलाने पर मुकदमा न करने, अपने घर के लिए रेत लेकर जाने वाले ट्रैक्टर ट्राली को न पकडऩे सहित आदि मांगों को पूरा करने का आश्वासन दिया। जिसके बाद किसान मान गए। किसानों ने कहा कि यदि गन्ना भुगतान 15 नवंबर तक नहीं होता है तो किसान एक बार फिर से आंदोलन शुरू कर देंगे। इस बार गन्ना डीएम कार्यालय में भर दिया जाएगा। किसान किसी भी कीमत पर पीछे नहीं हटने वाला है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें