बागपत जनपद के असारा गांव में खेत जा रही सात वर्षीय बच्ची पर कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर किया गया है। घटना बृहस्पतिवार की सुबह की है, जब बच्ची अपने माता-पिता के साथ खेत की ओर जा रही थी।
असारा गांव निवासी इश्तखार अपनी कक्षा दो में पढ़ने वाली बेटी आफिया (7) के साथ खेत में काम करने जा रहे थे। रास्ते में तालाब के पास घात लगाए बैठे कुत्तों के झुंड ने अचानक बच्ची पर हमला बोल दिया। एक कुत्ते ने आफिया की गर्दन दबोच ली और उसे बुरी तरह काट लिया, जबकि दूसरे कुत्ते ने उसके पैर में काट लिया। बच्ची की चीख-पुकार सुनकर परिजन और राहगीरों आ गए। शोर मचाकर और ईंटें फेंककर कुत्तों को भगाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद कुत्तों का झुंड भागा, लेकिन तब तक बच्ची गंभीर रूप से घायल हो चुकी थी।
गंभीर रूप से घायल आफिया को आनन-फानन में पहले रमाला के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बड़ौत भेजा गया। प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्ची को एंटी-रैबीज और सीरम के इंजेक्शन लगाए हैं। सीएमएस डॉ. अनुराग वार्ष्णेय ने बताया कि बच्ची का उपचार जारी है और उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता
इस घटना ने स्थानीय लोगों में कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर गहरी चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है। इश्तखार ने बताया कि ये कुत्ते पहले भी कई बच्चों पर हमला कर चुके हैं, लेकिन प्रशासन द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने प्रशासन से आवारा कुत्तों के आतंक पर नियंत्रण पाने और ऐसे हमलों की पुनरावृत्ति को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने की मांग की है।