बागपत में छपरौली से रालोद के विधायक रहे वीरपाल राठी समेत 13 नेताओं ने अदालत में सरेंडर किया। इन सभी के लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान मारपीट के एक मामले में अदालत में पेश नहीं होने पर गैर जमानती वारंट जारी हुए थे। इन सभी को सरेंडर करने के बाद अदालत से जमानत मिल गई।
लोकसभा चुनाव वर्ष 2019 के दौरान बड़ौत के महात्मा गांधी इंटर कॉलेज में 26 मार्च की शाम को एक चैनल की डिबेट में झगड़ा हो गया था। जिसमें भाजपा के तत्कालीन युवा जिलाध्यक्ष अनिल तोमर ने लोगों को उकसाने को लेकर रालोद के पूर्व विधायक वीरपाल राठी निवासी बड़ौत के अलावा विश्वास चौधरी, मनीष गुप्ता, गौरव, सभासद इरफान मलिक निवासी कस्बा बड़ौत, आदित्य प्रधान निवासी जिवाना, विकास प्रधान निवासी बाछौड़, अभिलाष निवासी बावली, अक्षय मलिक निवासी चांदनहेड़ी, राहुल तोमर उर्फ कर्नल, देवेंद्र निवासी जौनमाना, अरुण उर्फ बोबी निवासी बावली, मुनेश निवासी बरवाला और 50 अज्ञात के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया था।
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अधिवक्ता जयवीर सिंह तोमर ने बताया कि इन सभी की जमानत हो चुकी थी। लेकिन तारीख पर अदालत में नहीं जाने के कारण सीजेएम की अदालत ने गैर जमानती वारंट जारी कर दिए थे। जिसमें सभी ने अदालत में सरेंडर किया और उसके बाद उनको जमानत दी गई। वहीं इस मामले में इन पर आरोप भी तय हो गए हैं और अब इस मामले में सुनवाई होगी।
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