अंक खूब दिए गए, इसलिए भी बढ़ी परेशानी
शिक्षा विशेषज्ञ श्रीराम शिक्षा मंदिर स्कूल के प्रधानाचार्य राजीव तोमर कहते हैं कि यह समस्या खूब अंक देने के कारण भी बनी है। जब यूपी बोर्ड ने विद्यार्थियों के आंतरिक मूल्यांकन, छमाही परीक्षा, प्री-बोर्ड परीक्षा, नौवीं के अंक या 11वीं के अंक की जानकारी मांगी तो विद्यार्थियों को खूब नंबर दिए गए। इसमें यह भी नहीं देखा गया कि किसी विद्यार्थी ने विद्यालय से अपना नाम वापस लेकर किसी अन्य जगह पर पंजीकरण तो नहीं करा लिया। कोरोना काल के चलते विद्यार्थी भी पूर्व के विद्यालय में अपना पंजीकरण निरस्त कराने नहीं गए और दूसरी जगह पर पंजीकरण करा लिया गया। जब नंबर देने की बारी आई तो दोनों ही संस्थानों से नंबर दे दिए गए। बोर्ड की साइट पर ऐसे विद्यार्थियों के अंक दो बार दिखाई दे रहे हैं। इसलिए उनका परिणाम भी अटक गया है।
ऐसे मामलों का समाधान तभी होगा, जब बोर्ड की ओर से पहले वाले विद्यालय से पंजीकरण निरस्त कर डिलीट किया जाए और नए विद्यालय में नाम जोड़ा जाए। तभी एक परिणाम को हटाकर विद्यार्थी का परिणाम जारी हो सकेगा। इसके अलावा ही गजट आने के बाद छात्रों के आवेदन मंगाकर बोर्ड को भेजा जाएगा। - प्रीति शर्मा, कार्यवाहक डीआईओएस