नेताजी की जान बचाने के लिए कर दी थी पति की हत्या
नीरा आर्य सुभाषचंद्र बोस की रानी झांसी रेजीमेंट की सिपाही थीं। उन पर अंग्रेजी सरकार ने गुप्तचर होने का आरोप लगाया था। नीरा आर्य का जन्म पांच मार्च 1902 को बागपत के खेकड़ा में हुआ था। पांच वर्ष की आयु में उनके माता-पिता का महामारी में निधन हो गया था। इसके बाद सेठ छज्जूमल नीरा को गोद लेकर कलकत्ता चले गए थे।
नीरा आर्य का विवाह ब्रिटिश भारत के सीआईडी इंस्पेक्टर श्रीकांत जयरंजन दास के साथ हुआ। नीरा ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जान बचाने के लिए अपने पति की हत्या कर दी थी।
इस मामले में उन पर लाल किले में मुकदमा चला तो सभी बंदी सैनिकों को छोड़ दिया गया, लेकिन उन्हें पति की हत्या के आरोप में काले पानी की सजा हुई, जहां उन्हें घोर यातनाएं दी गईं। 26 जुलाई 1998 को हैदराबाद में उनकी मौत हो गई थी।