दोघट। गांगनौली के ग्रामीणों ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह से मुलाकात कर दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर के लिए भूमि अधिग्रहण में अनियमितता बरते जाने की शिकायत की। उन्होंने भूमि का उचित मुआवजा दिलाने की मांग की।
ग्रामीणों ने सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह को बताया कि दिल्ली-देहरादून इकनॉमिक कॉरिडोर का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए भूमि अधिग्रहण में अधिकारी मनमानी कर रहे हैं। आपत्तियों का निस्तारण बिना किसी सुनवाई के किया गया है। गांव में कुछ भूमि आबादी से सटी हुई है और कुछ भूमि लिंक मार्ग पर है, जिसे दर्शाया नहीं गया है। इस भूमि को सामान्य भूमि में दिखाया गया है। ताकि मुआवजा कम दिया जा सके। भूमि की जो पैमाइश की गई है, उसमें भी क्षेत्र में ज्यादा अंतर किया गया है। यदि किसान किसी अधिकारी के पास शिकायत करने जाता है तो उसके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया जाता है। किसानों को भूमि का जो मुआवजा दिया जा रहा है, वह कम है। वर्ष 2016 के बाद से बागपत जिले का सर्किल रेट भी नहीं बढ़ाया गया है। सर्किल रेट को नियमानुसार बढ़ाकर उसके बाद मामले का निस्तारण किया जाएं। किसानों को परेशान करने के लिए 41, 45 की नकल व 1359 फसली खसरा नकल मांगी जा रही है। जबकि शामली व मुजफ्फरनगर जिले के किसानों से इनमें से कुछ भी नहीं लिया जा रहा। सांसद ने संबंधित विभाग के अधिकारियों से मिलकर समस्या का समाधान कराने का आश्वासन दिया। इस मौके पर धर्मवीर, राजपाल सिंह, आजाद राठी, उपेंद्र राठी, अनु प्रताप राठी, करतार सिंह आदि उपस्थित रहे।
डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे किसान
फोटो-17
अग्रवाल मंडी टटीरी। दिल्ली देहरादून एक्सप्रेस वे को लेकर किए जा रहे भूमि अधिग्रहण से प्रभावित किसानों की बैठक महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल में हुई। इसमें भूमि अधिग्रहण में अनियमितताओं के बारे में चिंता जाहिर की गई। सहकारी गन्ना समिति के चेयरमैन कृष्णपाल ने बताया कि किसानों ने अपने हक और अधिकारों के लिए शासन में अपनी आवाज बुलंद करने की रणनीति पर चर्चा की। सोमवार को संबंधित समस्याओं को लेकर कलक्ट्रेट पर डीएम को ज्ञापन देने का निर्णय लिया गया। बैठक में गन्ना समिति के पूर्व डायरेक्टर प्रहलाद सिंह, मनोज आर्य, नवीन कुमार, नीरज चौधरी, अमन सिंह, नीरज कुमार आदि ने विचार व्यक्त किए।