बागपत। केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सांसदों ने खेल स्पर्धा शुरू कराई तो इसमें कोई बुराई नहीं है। यह केवल युवा पीढ़ी को नशे से दूर रखने व प्रतिभाओं को आगे बढ़ाकर देश के लिए मेडल जीतने को तैयार करने के लिए किया जा रहा है। अखिलेश यादव को इसका विरोध करते है। क्योंकि अखिलेश दंगा कराते थे और हम दंगल करा रहे है। अब जनता तय करेगी कि उनको दंगा कराने वाले चाहिए या दंगल कराने वाले।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर शनिवार को सिखेड़ा और बड़ौत में सांसद खेल स्पर्धा के समापन समारोह में पहुंचे थे। उन्होंने कहा कि खेलों को बढ़ावा देना चाहिए और यह एक अच्छी शुरूआत है कि सांसद खुद खेल प्रतियोगिताएं करा रहे है। देशभर में सांसदों को यही करना चाहिए, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों से प्रतिभाएं आगे आ सके। इसी तरह खेल स्पर्धा हर साल कराई जाएगी और अगले साल इससे भी बड़ा आयोजन होगा। उन्होंने कहा कि खेलों के सहारे युवाओं को नशे से दूर रखा जा सकता है और उनको देश के लिए मेडल जीतने को तैयार किया जा सकता है।
साथ ही कहा कि देश के लिए मेडल जीतने वाले बड़े परिवारों से नहीं निकलते है, बल्कि इस तरह ग्रामीण क्षेत्रों से निकलते है। जिनके पेट में खाने की आग होती है, वहीं देश के लिए मेडल जीतते है। उन्होंने समारोह में पहुंचे ओलंपिक रजत पदक विजेता रवि दहिया का उदाहरण देते हुए कहा कि इस तरह की स्पर्धा से भविष्य के रवि निकलेंगे।
सांसद खेल स्पर्धा के विजेताओं के लिए लगेगा नेशनल ट्रेनिंग कैंप
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि सांसद खेल स्पर्धा के चैंपियनों के लिए नेशनल स्तर पर प्रतियोगिता कराई जाएगी। इससे पहले उनके लिए नेशनल ट्रेनिंग कैंप लगाया जाएगा और उसमें साई के कोच ट्रेनिंग देंगे। क्योंकि यहां से निकले खिलाड़ियों को देश के लिए खेलने वाला बनाना है। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया सेंटर पूरे देश में एक हजार बनाए जाएंगे तो सभी राज्यों में नेशनल व स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस चलेंगे। कहा कि युवाओं को खेलों का रास्ता मिले तो वह मानसिक व शारीरिक रूप से फिट रह सकते है। हम चाहते है कि युवा खेलों व राष्ट्र निर्माण दोनों में आगे आए।
दक्षिण अफ्रीका दौरे पर जल्द फैसला, अन्य को भी अनुमति लेनी चाहिए
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भारतीय क्रिकेट टीम के दक्षिण अफ्रीका दौरे पर कहा कि वहां कोरोना के कारण संकट है। इसे लेकर जल्द ही फैसला लिया जाएगा। इस तरह के संकट पैदा होते है तो किसी भी जगह टीम भेजने से पहले बोर्ड व संघ को भारत सरकार से अनुमति लेनी चाहिए। इसके लिए जब वह आवेदन करेंगे तो स्थिति को देखकर भारत सरकार अपना निर्णय देगी।