बागपत, खेकड़ा। न्यू तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने तहसीलदार की कोर्ट का अनिश्चितकाल के लिए बहिष्कार कर दिया। उन्होंने तहसीलदार और उनके पेशकार पर रुपये मांगने का आरोप लगाकर यह फैसला लिया है। हालांकि तहसीलदार ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर विवाद बताया है।
न्यू तहसील बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं की मंगलवार को बार हॉल में बैठक हुई। बैठक में अधिवक्ताओं ने तहसीलदार और पेशकार पर अधिवक्ताओं के साथ दुर्व्यवहार करने और रुपये मांगने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि रुपये न देने पर उनको परेशान किया जा रहा है। उन्होंने डीएम और एसडीएम से मामले की जांच कराने की मांग की। उन्होंने समस्या का समाधान न होने तक तहसीलदार की कोर्ट का बहिष्कार करने घोषणा की।
इस मौके पर अध्यक्ष रामेश्वर दयाल पंवार, महामंत्री भूपेंद्र धामा, लोकेंद्र ढाका, सरदार सिंह यादव, नीरज त्यागी, राकेश कौशिक, विशाल धामा, विनोद बंसल, बबलू धामा, नवाब सिंह आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
खेकड़ा तहसीलदार वर्तिका श्रीवास्तव का कहना है कि ईडब्ल्यूएस का प्रमाणपत्र बनवाने को लेकर पेशकार के साथ अधिवक्ताओं की कहासुनी हुई थी। उसके बाद मामले की शिकायत की थी। विवाद निपटाने के लिए अधिवक्ताओं को बुलवाया गया है और जल्द ही विवाद निपटा लिया जाएगा। अधिवक्ताओं द्वारा लगाए गए आरोप निराधार है।