बागपत। यहां एडीपीआरओ ने बीस दिन पहले 12 गांवों में विकास कार्यों का निरीक्षण करने के लिए पत्र जारी जरूर किया मगर वह एक भी गांव में नहीं पहुंच सके। इस तरह ही वर्ष 2022 में सीडीओ रह चुके रणजीत सिंह भी गांवों में निरीक्षण का पत्र जारी करते थे और प्रधान व सचिव उनके कार्यालय में पहुंच जाते थे। इस तरह तब काफी सवाल उठे थे।
डीपीआरओ अरुण अत्री के छुट्टी जाने के बाद एडीपीआरओ नितिन कुमार पर चार्ज आया तो उन्होंने 11 सितंबर को 12 गांवों में निरीक्षण के लिए पत्र जारी किया। इनकी शुरुआत 15 सितंबर से होनी थी और 26 सितंबर तक निरीक्षण किए जाने थे। निरीक्षण के लिए मलकपुर, लुहारी, टांडा, मुकंदपुर, नंगला बढ़ी, सैदपुर कलां, ढिकौली, खट्टा प्रहलादपुर, बिचपड़ी, फैजपुर निनाना, फखरपुर, शाहजहांपुर को चुना गया।
निरीक्षण के लिए पत्र जरूर जारी कर दिया गया मगर गांव में पंचायतीराज विभाग का कोई अधिकारी निरीक्षण करने नहीं पहुंचा। इस तरह पत्र जारी करके निरीक्षण करने नहीं जाने से सवाल उठने शुरू हो गए, क्योंकि इससे पहले भी एक सीडीओ के कार्यकाल के दौरान 73 गांवों में निरीक्षण के लिए पत्र जारी हुए थे और वह एक ही गांव में पहुंचे थे।
- मैंने निरीक्षण के लिए पत्र जारी किया था मगर मैं व्यस्त रहने के कारण निरीक्षण करने नहीं जा सका। अब दोबारा से निरीक्षण के लिए पत्र जारी किया जाएगा और उसके बाद गांवों में निरीक्षण किया जाएगा। - नितिन कुमार, एडीपीआरओ