रमाला। जिवाना टोल प्लाजा के ठेकेदार की मनमानी प्रशासन और सिंचाई विभाग पर भारी पड़ रही है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के दो दिन पहले नहर की पटरी ठीक कराने के बावजूद बुधवार को टोल ठेकेदार ने उसे दोबारा से खोद डाला। इसके बाद दबाव पड़ने पर एसडीएम व सिंचाई विभाग के अधिकारी रमाला थाने पहुंचे और मुकदमा दर्ज कराया। उसमें भी पुलिस मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जगह लीपापोती कर रही है।
टोल प्लाजा ठेकेदार ने यूटर्न पर ड्रम लगाकर बंद कर दिया था और पूर्वी यमुना नहर की पटरी की खोदाई करा दी। इससे हाईवे से निकलने वाले राहगीरों को अतिरिक्त टोल देना पड़ रहा था। वहां ठेकेदार ने लठैत भी खड़े किए हुए हैं तो नहर की पटरी भी खोद डाली थी। जिससे नहर की पटरी से वाहन चालक नहीं निकल सके। इससे पटरी से निकलने वाले राहगीरों और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। तीन दिन पहले भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ताओं ने टोल से ड्रम हटाने तथा यमुना नहर पर गड्ढे भरवाने, दस किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांव को टोल मुक्त करने की मांग को लेकर टोल प्लाजा पर धरना-प्रदर्शन किया था। इसके बाद सिंचाई विभाग की ओर से यमुना नहर की पटरी को मिट्टी डालकर ठीक करा दिया गया था। इसके बावजूद टोल प्लाजा के ठेकेदार ने न तो हाईवे के यूटर्न से ड्रम हटवाए और बुधवार को नहर पटरी दोबारा से खोद दी। जिससे लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान सलीम, विश्वास, जुल्ला प्रधान, गौरव, राजेन्द्र सिंह ने बताया कि टोलकर्मियों ने बुधवार को फिर से नहर की पटरी खोदकर गड्ढा बना दिया हैं। गड्ढे के कारण किसानों का निकलना मुश्किल हो रहा है। इस तरह विरोध शुरू हुआ तो सिंचाई विभाग के सींच पर्यवेक्षक अतुल कुमार ने रमाला थाने में टोल प्रबंधक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
नहर की पटरी की खोदाई करने के कारण टोल प्लाजा प्रबंधक के खिलाफ रमाला थाने पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। पुलिस जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।-सुभाष सिंह, एसडीएम बड़ौत
नहर की पटरी खोदने को लेकर जांच कराई जा रही है। इसमें टोल प्लाजा वालों के खिलाफ मुकदमा कराया गया है। इनकी जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।-एनएस सिरोही, थाना प्रभारी रमाला