- एडीजी ने लंबित पड़ी विवेचनाओं को जल्द से जल्द पूरा करने के दिए निर्देश
- समाधान दिवस में राजस्व विभाग के कर्मचारी न मिलने पर नाराज हुए आईजी
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़ौत/बिनौली (बागपत)। थाना परिसर बिनौली में शनिवार को समाधान दिवस आयोजित किया गया। एडीजी मेरठ जोन राजीव सब्बरवाल और आईजी मेरठ प्रवीण कुमार ने फरियादियों की समस्या सुनीं और लंबित पड़ी समस्याओं के जल्द ही समाधान कराने के निर्देश दिए। उधर, कोतवाली बड़ौत में भी कोतवाल ने जनसमस्याएं सुनी। दोनों जगह कुल 13 शिकायतें आई, जिनमें से मौके पर मात्र दो का ही निस्तारण हो सका।
समाधान दिवस में पहुंचे एडीजी मेरठ जोन राजीव सब्बरवाल ने भूमि विवाद रजिस्टर, समाधान दिवस रजिस्टर, अपराध रजिस्टर का अवलोकन कर लंबित पड़ी विवेचनाओं को जल्द ही पूरा करने के कड़े निर्देश दिए। आईजी मेरठ प्रवीण कुमार ने रंछाड, धनौरा सिल्वरनगर, अंगदपुर जौहड़ी, दोझा, चंदायन, सिरसली, दरकावदा गांव की नाली, चकरोड व भूमि विवाद संबंधित समस्या लेकर पहुंचे फरियादियों की एक-एक कर समस्या सुनीं। उन्हें पता चला कि समाधान दिवस में राजस्व विभाग से कोई भी अधिकारी नहीं पहुचा तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। इस दौरान जौहड़ी निवासी संतोष पत्नी सोहनपाल, पिंकी पत्नी कालू ने कुछ लोगों द्वारा प्लाट बेच दिए जाने और उन पर ही मुकदमा दर्ज कर उसके पुत्र सागर को मुकदमे में झूठा फंसा देने की बात रखी। इस पर आईजी ने इंस्पेक्टर से मामले की जानकारी पूछी तो वह इस मामले में कोई संतोष जनक जवाब नहीं दे पाए। इस पर आईजी ने नाराजगी जताते हुए इंस्पेक्टर को मामले में निष्पक्ष जांच कर शीघ्र करवाई करने के कड़े निर्देश दिए। समाधान दिवस में भूमि विवाद व नाली चकरोड संबंधित आठ प्रार्थना पत्र आए, जिनके शीघ्र ही समाधान कराने को निर्देशित किया गया।
शिकायतों का निस्तारण किया
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खेकड़ा/छपरौली। कोतवाली पर शनिवार को आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में पुलिस क्षेत्राधिकारी युवराज सिंह ने जनसमस्याएं सुनीं। यहां राजस्व, पुलिस विभाग से संबंधित छह शिकायतें पहुंचीं। इनमें से चार शिकायतें मौके पर ही निस्तारित कर दी गईं। शेष शिकायतें संबंधित अधिकारियों को सौंप दी हैं। इस मौके पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, छपरौली में दस में से पांच शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया। थाना दिवस में राजस्व विभाग की टीम नहीं पहुंची। जिस कारण जमीन संबंधी मामलों का निस्तारण नहीं हो पाया। संवाद