उन्होंने यह भी कहा था कि केस के विवेचक एसएसआई ने आईपीएस अधिकारियों के दबाव में एफआर लगाई है। शुक्रवार को सिविल जज सीनियर डिविजन किरण गौड की कोर्ट में सुनवाई हुई। दो दिसंबर को सुनवाई के लिए अगली तिथि निर्धारित की गई है।
नौ साल से सिस्टम के खिलाफ लड़ रहा सुशील
वादी सुशील कौशिक का हेड कांस्टेबल पद पर प्रमोशन हो चुका है। अब वे कानपुर देहात पुलिस लाइन में तैनात हैं। उन्होंने बताया कि उनके पास गबन के पूरे साक्ष्य हैं। वे पिछले नौ साल से अपने ही सिस्टम के खिलाफ भ्रष्टाचार की लड़ाई लड़ रहे है। इस केस को भी आखिरी दम तक लड़ेंगे।
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