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Baghpat News: दस ग्राम पंचायतों के खाते फ्रीज, 40 लाख रुपये फंसे

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बागपत। ग्राम पंचायतों में विकास कार्यों में गड़बड़ी करने पर पकड़े न जाएं। इसलिए ग्राम पंचायतों के जीएसटी पंजीकरण नहीं कराए जा रहे हैं। यहां ऐसी ही दस ग्राम पंचायतों के खाते फ्रीज कर दिए गए और उनमें विकास कार्यों के लिए मिले 40 लाख रुपये फंस गए। वहीं अन्य 33 ग्राम पंचायतों के खाते फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई, जिससे करीब चार करोड़ रुपये फंस जाएंगे।
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वाणिज्य कर विभाग की धारा 51 के तहत सभी ग्राम पंचायतों को जीएसटी नंबर लेना अनिवार्य है। इसके लिए एक जुलाई 2017 को आदेश जारी किया गया था और इसे तभी से लागू कर दिया गया। इसके बावजूद ऐसा नहीं किया जा रहा। जिले में 244 गांव हैं, लेकिन अभी तक करीब 150 ग्राम पंचायतों ने जीएसटी नंबर लिया है। इसके तहत दो लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने पर टीडीएस काटा जाता है। सामान को जीएसटी के साथ खरीदा जाता है। अब उन ग्राम पंचायतों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया गया है, जो जीएसटी पंजीकरण नहीं करा रही हैं।
-इन ग्राम पंचायतों के खाते फ्रीज किए
जीएसटी विभाग की तरफ से ग्राम पंचायतों को नोटिस जारी किए गए। मगर प्रधानों व सचिवों ने उन पर ध्यान नहीं दिया। इस कारण ही लुहारी, सोंटी, मुकंदपुर, शबगा, लुहारा, बरवाला, बाछौड़, ककौर, सिलाना व शेरपुर के खाते फ्रीज कर दिए गए हैं। इनका जीएसटी पंजीकरण होने और जीएसटी जमा करने के बाद ही खातों का लेनदेन शुरू कराया जाएगा।
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-इन ग्राम पंचायतों के खाते भी फ्रीज होंगे
असारा, औसिक्का, जलालपुर, कुर्डी, लोहड्डा, रठौड़ा, तिलवाड़ा, सिनौली, टांडा, नांगल, लूंब, बदरखा, बासौली, हलालपुर, अशरफाबाद थल, रमाला, चांदनहेड़ी, बोढ़ा, अलावलपुर, तुगाना, बावली, हिलवाड़ी, हसनपुर जिवानी, इब्राहिमपुर माजरा, ख्वाजा नंगला, इदरीशपुर, बिराल, हेवा मीरपुर, शाहपुर बड़ौली, ककड़ीपुर, आरिफपुर खडख़ड़ी, खेड़ी समेत 33 ग्राम पंचायतों के खाते फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू हो गई है।

ग्राम पंचायतों से जीएसटी जमा नहीं होने के कारण उनको विभाग से नोटिस जारी किया गया, मगर प्रधानों व सचिवों ने ध्यान नहीं दिया और अब उनके खाते फ्रीज हो गए। अन्य करीब 33 ग्राम पंचायत ऐसी हैं, जिनके खाते फ्रीज करने की कार्रवाई शुरू हो गई है। इनको जल्द ही जीएसटी जमा करानी होगी। अरुण अत्री, डीपीआरओ
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