बड़ौत। विवि की अंतिम वर्ष की परीक्षा बगैर छात्रों को प्रमोट न किए जाने के न्यायालय के आदेश को सराहा जा रहा है। कोर्ट ने 30 सितंबर तक परीक्षा कराने के आदेश जारी किए हैं। कोर्ट के निर्णय को परीक्षार्थी और शिक्षकों ने सही माना है। शिक्षक और छात्रों का मानना है कि बिना परीक्षा के काबिलियत की पहचान नहीं हो सकती है।
- छात्र शिवम का कहना है कि परीक्षा का होना बेहद जरूरी है। अगर परीक्षा नहीं होगी, तो आने वाले समय में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। अगर बिना परीक्षा दिए फाइनल की डिग्री मिलती है तो मन को संतुष्टि नहीं मिलेगी।
- छात्र संदीप तोमर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश छात्र हित में है। शीघ्र परीक्षा कराई जाए ताकि आने वाले समय में अगली कक्षाओं की तैयारी की जा सके।
- दिगंबर जैन डिग्री कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वीरेन्द्र सिंह का कहना है कि कोविड-19 की वजह से अंतिम वर्ष की परीक्षा टलना ठीक नहीं है। क्योंकि यह डिग्री छात्रों की काबिलियत को दर्शाती है। अगर यूं ही छात्रों को प्रमोट कर दिया तो छात्रों को भविष्य में दिक्कतें आ सकती हैं।