सेवानिवृत्त डीडीए कर्मी के बेटे प्रशांत की हत्या के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो पुलिस उसे वहां से तुरंत लेकर बागपत अस्पताल पहुंच गई। इस बात पर ही परिजन व अन्य लोग भड़क गए कि पुलिस ने बिना बताए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने उनको शव देखने भी नहीं दिया। पुलिस के इस तरह शव भेजने के कारण ही ढाई घंटे तक हंगामा चलता रहा और लोगों ने थाने को घेरकर रखा। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस का रवैया सही नहीं है, जिसकी अधिकारियों से भी शिकायत की गई।
कई थानों की पुलिस को बुलाया गया
हंगामा को देखते हुए मौके पर बड़ौत, रमाला, दोघट थाने का पुलिस बल मौके पर बुलाया गया, जो लोगों को समझाने में जुटा हुआ था। मगर परिजन शव को वापस लाने की जिद पर अड़े हुए थे। इस दौरान महिलाओं ने छपरौली थाना पुलिस कई संगीन आरोप भी लगाए।
ढिकौली में जिम चलाता था प्रशांत
लोगों के अनुसार मृतक युवक प्रशांत ढिकौली गांव में जिम चलता था, मृतक युवक को गले में चेन पहनने का शौक था।
शव से दस मीटर दूर पड़ी थी बाइक
जिस जगह प्रशांत का शव पड़ा हुआ था, उससे दस मीटर दूर उसकी सफेद कलर की बाइक, चप्पल और चाकू पड़ा हुआ था। मौके पर पहुंची डॉग स्क्वॉड की टीम सुराग जुटाने में लगी रही।