- रमाला क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली है महिला, यमुना किनारे चारों बच्चों को दुपट्टे से अपने साथ बांधकर कूदने जा रही थी महिला
- महिला की हरकतों पर शक होने पर गोताखोरों ने पुलिसकर्मियों को बुलाया, कैराना की एक युवती को लेकर चला गया था महिला का पति
संवाद न्यूज एजेंसी
रमाला। पति की बेवफाई महिला सहन नहीं कर पाई और सोमवार को अपने चार बच्चों को लेकर आत्महत्या करने के लिए यमुना किनारे पहुंच गई। यमुना में कूदने के लिए महिला अपने चारों बच्चों को दुपट्टे से बांध लिया तो पास बैठे गोताखोर को शक हुआ। गोताखोर आजाद की सूचना पर आए पुलिसकर्मी संदीप और राहुल ने महिला को चार बच्चों के साथ आत्महत्या करने से पहले ही रोक लिया।
रमाला क्षेत्र के एक गांव निवासी महिला ने बताया कि उसका मायका शामली जिले के कसेरवा में है और उसकी शादी आठ साल पहले हुई थी। शादी के बाद एक बेटा और तीन बेटियों को जन्म दिया। आरोप लगाया कि कई माह पहले उसका पति उन्हें छोड़कर कैराना जिला शामली की एक युवती को लेकर चला गया था। इसका मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने दोनों को तलाश कर लिया। इसके बाद भी पति उसी युवती के साथ रह रहा है।
पिछले आठ माह से पति के घर नहीं आने के कारण आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ रहा है। युवती के साथ पति कहां रह रहा है इसके बारे में पूरी जानकारी ससुराल वालों के पास है, लेकिन वे बताते नहीं। महिला ने ससुराल वालों पर उत्पीड़न करने का आरोप लगाया। उसने पति के खिलाफ शिकायत भी दी, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। अब तंग आकर बच्चों के साथ यमुना में कूदकर आत्महत्या करने पहुंची थी। उधर, पुलिसकर्मियों ने महिला के मायके वालों को फोन कर घटना के बारे में बताया। इसके बाद परिवार वाले महिला को लेकर चले गए।
जीते जी इंसाफ नहीं मिला, मरने के बाद मिल जाता
महिला ने बताया कि कई बार उसने आत्महत्या करने के बारे में सोचा, लेकिन उसके बाद बच्चों की परवरिश की चिंता होने लगी। इंसाफ के लिए कई जगह शिकायत की, लेकिन जीते जी इंसाफ नहीं मिला। अब मरने के बाद ही उसे इंसाफ मिल जाता। महिला काफी देर तक यमुना किनारे बैठकर रोती रही।
वर्जन
- महिला का पति एक युवती को ले गया था, उसका मुकदमा कैराना में दर्ज है। एक बार उसे पकड़कर महिला के सुपुर्द किया गया, लेकिन वो दोबारा चला गया। महिला की शिकायत मिलने पर मुकदमा दर्ज कर उसके पति के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - जितेंद्र सिंह, जांच अधिकारी