- सितंबर में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर खेकड़ा के युवक के पेट में गोवंश के सींग घुसने से हो गई थी मौत
- टक्कर लगने से कई की जा चुकी है जान, अफसरों को सड़कों और खेतों में नजर नहीं आ रहे गोवंश
संवाद न्यूज एजेंसी
बागपत। जिले में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर जगह-जगह गोवंश बैठे रहते हैं जो कई लोगों की जान ले चुके हैं। इसके अलावा खेतों में काम करते हुए और गांवों में लोगों को टक्कर मारकर मौत के घाट उतार चुके हैं। किसान लगातार गोवंशों को पकड़वाने की मांग कर रहे हैं लेकिन अधिकारी इस पर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
केस नंबर एक : खेकड़ा के बिजली मैकेनिक की गोवंश से टकराकर हुई मौत
दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर तहसील के समीप सितंबर में गोवंश से बिजली मैकेनिक लक्की (24) की बाइक टकरा गई। हादसे में लक्की के पेट में गोवंश के सींग घुसने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिवार वालों ने लक्की का दिल्ली के अस्पताल में उपचार कराया, जहां उसकी मौत हो गई।
केस नंबर दो : बागपत के खेकड़ा में गोवंश की टक्कर से नेत्रहीन की मौत
खेकड़ा कस्बे में मोहल्ला मुंडाला निवासी दृष्टिहीन राकेश तीन महीने पहले बाजार में जा रहा था। तभी सांड ने राकेश को टक्कर मार दी और अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई। इसके बाद सांड ने एक घोड़ी को भी मार डाला और कई लोगों को घायल भी किया।
- केस नंबर तीन : नेशनल हाईवे पर दूधिया की गोवंश से टकराकर हुई मौत
अगस्त में दिल्ली-सहारनपुर नेशनल हाईवे पर बड़ौत में गोवंश से बाइक टकराने पर दूधिया मुन्ना (55) निवासी बावली सड़क पर गिर गए। इस हादसे में दूधिया मुन्ना की मौत हो गई। दूधिया के परिवार वालों ने अफसरों पर गोवंशों को पकड़ने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया था।
- केस नंबर चार : गोवंश के पटकने से जागोस गांव के विकास की हुई मौत
पिछले साल जागोस गांव निवासी किसान विकास शर्मा (42) खेत में काम कर रहे थे। तभी वहां आए सांड़ ने किसान को उठाकर पटक दिया। आसपास खेत में काम कर रहे किसानों ने किसी तरह से सांड़ को भगाया। इसके बाद उपचार के दौरान विकास शर्मा की मौत हो गई।