बागपत। शहरी क्षेत्र में कॉलोनी बनाने के लिए बागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण भूमि की तलाश कर रहा है। कॉलोनी के लिए पांच हेक्टेयर भूमि चाहिए, लेकिन प्राधिकरण को अपने कार्यालय तक के लिए भूमि नहीं मिल पा रही है।
बरागपत-बड़ौत-खेकड़ा विकास प्राधिकरण के गठन को सात साल हो चुके हैं, लेकिन अभी तक प्राधिकरण के पास एक इंच भी लैंड बैंक नहीं हैं। यहां तक कि अपने कार्यालय के लिए भी आज तक भूमि तलाश नहीं कर पाए हैं। बोर्ड बैठक में प्राधिकरण को 20 करोड़ रुपये तक बैंक से लोन लिए जाने का प्रस्ताव पास कर दिया है। इससे प्राधिकरण कॉलोनी के लिए भूमि खरीद सके। लेकिन प्राधिकरण किसानों से भूमि खरीदने की बजाय ग्राम पंचायत की भूमि तलाश कर रहा है। जिससे भूमि सस्ती मिल जाए और कॉलोनी भी काटी जा सके। प्राधिकरण के सहायक अभियंता प्रदीप सिंघल का कहना है कि किसानों से भूमि लेना अब टेढ़ी खीर हो गया है। काफी पेंच तो हैं ही भूमि भी काफी महंगी पड़ेगी। उस पर डेवलपमेंट चार्ज, पानी की टंकी, सड़क, पार्क की सुविधा देकर भूमि का रेट तीन गुना तक पहुंच जाएगा। ऐसे में डर है कि कॉलोनी में इतने महंगे प्लाट कोई खरीदेगा भी या नहीं। इसलिए ग्राम पंचायत की भूमि पर कॉलोनी तैयार कर कम रेटों में लोगों को आवास उपलब्ध कराए जा सकते हैं।