बागपत। पांच दिन पहले हाइकोर्ट ने कहा कि यमुना में रेत खनन न होने पाए। खनन की शिकायतों पर बागपत की डीएम को नोटिस भी जारी किया। दो दिन पहले मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि यमुना में रेत का खनन नहीं होने दिया जाए। अधिकारियों को सख्त आदेश दे दिए गए हैं।
अब यह देखिए कि इस सख्ती का कुछ असर हुआ या नहीं। मंगलवार की रात पुलिस ने बागपत चीनी मिल के पास से रेत से भरा ट्रक पकड़ा। इसे एसपी ने जाते हुए देख लिया था। उनके वायरलसेट पर चिल्लाने के बाद ही पुलिस ने इसे पकड़ा। इसके बाद गुरुवार को सहारनपुर रोड पर कलक्ट्रेट के पास से रेत से भरा एक और ट्रक पकड़ा गया है। इससे साफ हो गया है कि यमुना में रेत का खनन अभी तक बंद नहीं हुआ है।
इससे पहले पुलिस रेत से भरी आठ बुग्गी और ट्रॉली भी पकड़ चुकी है। खादर के पांच-छह गांव तो ऐसे हैं जहां दिन में किसी भी वक्त जाकर खनन होते देखा जा सकता है।
इनमें से ही एक गांव में पुलिस पिट भी चुकी है। इसका मुकदमा भी दर्ज हुआ। इसके बावजूद खनन माफिया पर किसी तरह का एक्शन न लिया जाना यह बताने के लिए काफी है कि इस खेल में कौन-कौन शामिल हैं। डीएम और एसपी की ओर से खनन न होने देने के लिए लगातार आदेश जारी किए जा रहे हैं। इनका इनका खास असर होता नजर नहीं आ रहा। पुलिस भी कभी-कभी ही हरकत में आती है।