बागपत। मेरा बेटा जिंदादिल था, वो अपने परिवार से बहुत प्यार करता था। पुलिस की कहानी झूठी है। वो सुसाइड नहीं कर सकता...। यह चौंकाने वाला बयान दिया है शनिवार शाम फिल्मी स्टाइल में रहस्यमय ढंग से मरे बदमाश फूल कुमार के पिता करमवीर ने। अफसरों ने दावा किया था कि पुलिस से घिर जाने पर फूल कुमार ने खुद को गोली मारकर खुदकुशी कर ली, लेकिन उसके परिजनों ने इस कहानी को मानने से इंकार कर दिया है।
फूल कुमार के परिजन शनिवार रात ही पहुंच गए थे। उन्होंने सुबह तक तो कुछ नहीं कहा। मीडिया ने पूछा तो सिर्फ इतना बोले कि जो होना था, हो गया। उन्हें और कुछ नहीं कहना। लेकिन दोपहर को फूल कुमार की लाश का पोस्टमार्टम हो जाने के बाद जब वे अपने दिल्ली स्थित गांव शाहपुर पहुंच गए तो उनका बयान बदल गया।
फूल कुमार के पिता करमवीर ने फोन पर बताया कि उन्हें पुलिस की कहानी पर यकीन नहीं। उनका बेटा सुसाइड नहीं कर सकता। इस घटना के पीछे साजिश है। इसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि फूल कुमार का अंतिम संस्कार हो जाए। इसके बाद वे और बातें बताएंगे।
उनसे पूछा गया कि क्या उनके बेटे के खिलाफ तीन केस दर्ज नहीं है? इस पर उनका जवाब था, वह दो में बरी हो चुका है। सिर्फ एक केस चल रहा है। कार लूट के बारे में उन्होंने कहा कि उन्होंने बागपत थाने पर यह कार देखी जरूर है, लेकिन उन्हें नहीं पता यह कैसे पहुंची।
उन्होंने फिर दोहराया कि इसके पीछे साजिश है। उन्होंने बताया कि फूल कुमार परचून की दुकान करता था। वह शादीशुदा था। उसकी एक बेटी है। दूसरी ओर पुलिस ने यह केस सुसाइड की धारा 309 में अपनी ओर से दर्ज कर लिया है।
40 हजार का मोबाइल मिला
बागपत। फूल कुमार के पास से पुलिस ने एप्पल का आई फोन बरामद किया। इसकी कीमत लगभग 40 हजार रुपये है। उसके बाएं हाथ में जो सोने का कड़ा था, उसका वजन कराया गया तो छह तोले से अधिक निकला यानी दो लाख रुपये से अधिक का। उसके पास मेड इन चाइना लिखी पिस्टल मिली थी। पुलिस मालूम करा रही है कि यह सचमुच विदेशी है या फिर बिहार के मुंगेर से आने वाली इसी तरह की मुहर लगी देसी पिस्टल है।
उसने सुसाइड क्यों किया ?
बागपत। दस से ज्यादा लोग खुद को चश्मदीद बताते हुए गवाही दे रहे हैं कि फूल कुमार ने उनकी आंखों के सामने खुद को गोली मारी। पुलिस भी यही दावा कर रही है। इसके बावजूद यह सवाल पूरे शहर की जुबां पर है कि अगर उसने ऐसा किया तो क्यों किया? वह पहले भी लूट कर चुका था। तब उसे दिल्ली की क्राइम ब्रांच पुलिस ने पकडा़ भी था। फिर पुलिस से घिर जाने पर ऐसा क्या हुआ कि उसने सरेंडर करने के बजाय खुद को गोली मार ली?
क्या कहते हैं अफसर ?
:: जो कुछ हुआ, पब्लिक के बीच हुआ, काफी लोगों ने पूरा घटनाक्रम अपनी आंखों से देखा। यह मामला सुसाइड का है, सुसाइड की धारा में ही केस दर्ज हुआ है। - लव कुमार (एसपी, बागपत )