दोघट। गांगनौली गांव में बुखार से दो सगी बहनों की मौत हो गई। इससे गांव में दहशत का माहौल है। इस गांव में एक माह में पांच बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ध्यान नहीं दे रहा है। इसको लेकर ग्रामीणोें ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। डीएम के निर्देश पर शाम पांच बजे डॉक्टरों की टीम पहुंची और उन्होंने लोगों का परीक्षण किया।
गांगनौली गांव में शनिवार को बुखार से नौ वर्षीय नर्गिस पुत्री मुबारिक और उसकी बहन छह वर्षीय सानिया की मौत हो गई। वे तीन दिन से बुखार से पीड़ित थीं। नर्गिस को बड़ौत और शामली भी दिखाया गया था। वहां से मेरठ मेडिकल के लिए रेफर किया गया था, जहां उसे चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उधर, शुक्रवार को सानिया की हालत ज्यादा खराब होने पर बड़ौत के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उसने भी दम तोड़ दिया। इसकी सूचना ग्राम प्रधान धर्मेंद्र राठी ने सीएमओ जेपी शर्मा को दी, लेकिन विभाग की गई टीम नहीं पहुंची। इससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया और उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में ग्राम प्रधान ने डीएम को इस मामले की सूचना दी। तब जाकर शनिवार की शाम पांच बजे टीम गांगनौली गांव पहुंची। एक माह पूर्व गांव के छह वर्षीय मुस्कान, चार वर्षीय रुखसार, आठ वर्षीय फैमिदा की भी मौत बुखार से हो चुकी है। इस समय दस वर्षीय शुभम, 11 वर्षीय सराना, शकीला, हनीफन भी बुखार से पीड़ित हैं। वहीं बिनौली सीएचसी के चिकित्साधीक्षक एसपी सिंह का कहना है कि यह बुखार किस तरह का है, इसका पता लगाया जा रहा है।