फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नौ पुलिसकर्मियों पर शिकंजा कसा

Sat, 17 Nov 2012 12:00 PM IST
Baghpat
विज्ञापन
विज्ञापन
बागपत। कोर्ट से कुर्की वारंट जारी होने के बावजूद गैरहाजिर चल रहे तीन दारोगा समेत नौ पुलिस कर्मियों को इस गलती का भारी खामियाजा भुगतना पड़ सकता है। थाने में मारपीट किए जाने के इस मामले में हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। सीजेएम बागपत को आदेश दिया गया है कि इस मामले का निस्तारण चार माह के भीतर कर दिया जाए।
विज्ञापन

यह मामला 2005 का है। चांदीनगर थाना पुलिस के खिलाफ पांची गांव के रहीसुद्दीन ने थाने में मारपीट किए जाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिस ने अख्तर नाम के शख्स से मिलकर रहीसुद्दीन, उसके भाई बाबू, शब्बीर तथा भतीजे की बेरहमी से पिटाई की।
11 नवंबर 2005 को कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुए इस मुकदमे में अख्तर के अलावा तत्कालीन चांदीनगर थाना एसओ वीरेंद्र तेवतिया, एसआई मुनेंद्र सिंह, मलखान सिंह, कांस्टेबल इंद्रराज, बलवान, शाहिद अहमद तथा तीन अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी।
विज्ञापन

इस मामले में अख्तर को वर्ष 2008 में जमानत मिल गई लेकिन आरोपी पुलिसवाले अभी तक फरार चल रहे हैं। रहीसुद्दीन की पैरवी कर रहे अधिवक्ता अनुज ढाका ने बताया कि इस मामले में आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट और कुर्की वारंट हो चुके हैं। इसके बावजूद वे कोर्ट में पेश नहीं हुए और न ही पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी की। उन्होंने इस मामले मेें रहीसुद्दीन की ओर से हाईकोर्ट में रिट दायर की थी। इस पर हाईकोर्ट ने यह मामला चार महीनों के भीतर निस्तारित करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें