बागपत / रमाला। किसानों को लंबा इंतजार कराने के बाद जैसे-तैसे चीनी मिलों के चक्के गुरुवार सुबह घूम ही गए। बागपत और रमाला सहकारी चीनी मिल ने पेराई सत्र की शुरूआत कर दी। इन मिलों में सबसे पहले गन्ना लाने वाले किसानों को सम्मानित किया गया। मलकपुर चीनी मिल ने 17 नवंबर की तारीख दी है। एक-दो दिन में मिलों के गन्ना क्रय केंद्रों पर भी गन्ना पहुंचना शुरू हो जाएगा।
पिछले साल पेराई सत्र 31 अक्तूबर से शुरू हो गया था। जनपद की तीनों मिलों ने सात नवंबर तक पेराई शुरू कर दी थी। इस बार मिल चलने की तारीख देरी से आई, जबकि गन्ने का भाव तो अभी तक घोषित नहीं किया गया है। भाकियू और रालोद लगातार मिल चलवाने के लिए दबाव बना रहे थे।
बागपत चीनी मिल ने एडीएम सुरेंद्र राम और चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक बीके मलिक ने पेराई सत्र का शुभारंभ किया। भाकियू जिला अध्यक्ष चौधरी प्रताप गुर्जर समेत किसान नेता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। सबसे पहले गन्ना लाने वाले किसानों को सम्मानित किया गया।
इसी तरह रमाला चीनी मिल पर पेराई सत्र का उद्घाटन किया गया। इस दौरान एडीएम सुरेंद्र राम, एसडीएम प्रभुनाथ सिंह, मिल के प्रधान प्रबंधक भोलानाथ यादव ने गन्ना लाने वाले किसानों को सम्मानित किया।
किसान राजेंद्र बुग्गी और जगपाल ट्रॉली से गन्ना लेकर पहुंचे। इस मौके पर पंडित सुरेंद्र शर्मा ने हवन यज्ञ कराया। गन्ना समिति चेयरमैन वीरेंद्र पाल, पूर्व चेयरमैन रवींद्र पाल मुखिया, सुरेंद्र पंवार, सपा नेता शौकेंद्र पहलवान, पूर्व डायरेक्टर जितेंद्र सिंह, विवेक चौधरी, यूनुस चौधरी मौजूद रहे।
अव्यवस्था पर नाराजगी
रमाला। गन्ना समिति के पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र सिंह ने किसानों के लिए बैठने का सही इंतजाम न होने के चलते नाराजगी जाहिर की। उन्होंने यह भी कहा कि शामली क्षेत्र में मिल के क्रय केंद्र होने के बावजूद वहां के विधायक पंकज मलिक को क्यों नहीं बुलाया गया?
किस रेट पर लिया गन्ना ?
बागपत। बागपत चीनी मिल का पेराई सत्र शुरू होने के कार्यक्रम में पहुंचे किसानों में सबसे ज्यादा चर्चा इस बात को लेकर रही कि मिल किस भाव पर गन्ना ले रही है? किसानों की मांग थी कि सरकार गन्ने का रेट जल्द से जल्द घोषित करे, वरना मिलों को पेराई क्षमता के बराबर गन्ना मिलना मुश्किल होगा।