बड़ौत (बागपत)।
नगर और देहात क्षेत्र के गांवों में आवारा पशुओं की बढ़ती संख्या किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गयी है। प्रतिवर्ष लाखों रुपयों की फसल पशुओं द्वारा बर्बाद की जा रही है। इससे निजात पाने के लिए कड़ाके की ठंड में रात्रि में किसानों को खेतों में पहरेदारी करनी पड़ रही है। इससे किसानों मेें आक्रोश पनप रहा है।
क्षेत्र के हजारों किसान जहां आज बकाया गन्ना भुगतान और बढ़ी विद्युत दरों की समस्याओं से जूझ रहे हैं, वहीं नगर और क्षेत्र में आवारा और जंगली जानवरों की बढ़ती संख्या अब परेशानी का सबब बन चुकी है। एक तो पहले से बकाया गन्ना भुगतान न होने से किसान आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, ऊपर से आवारा पशुओं के तबाह की जा रही फसलों से वर्तमान मेें आय के साधन पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। प्रशासनिक और जनप्रतिनिधियों से शिकायत करने के बाद भी हल न होने पर अब किसानों को मजबूरी में ठंड मेें फसलों को आवारा पशुओं से बचाने के लिए रात्रि में पहरेदारी करनी पड़ रही है।
किरठल गांव के किसान पुष्पेंद्र चौहान, बड़ौली के ओमपाल, हरेंद्र, गुराना गांव के उधम सहित क्षेत्र के किरण सिंह, सत्यवीर, ब्रहमपाल, सुरेंद्र, महीपाल, विनोद, तेजपाल और ओमवीर ने कहा क्षेत्र में किसानों के खेतों में आये दिन जंगली जानवरों व आवारा पशुओं की संख्या बढ़ रही है। जो काफी मात्रा में फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। दुखी होते हुए किसानों ने बताया कि रात्रि में परिवार की महिलाओं और बेटियों को अकेले घर में छोड़कर खेतों में आवारा पशुओं के कारण पहरेदारी करनी पड़ती है। कई बार तो खूंखार जंगली जानवर किसानों पर हमला बोल देते हैं। इस संबंध में एसडीएम अरविंद कुमार द्विवेदी ने कहा इस संबंध में शिकायत मिल रही है। सीएम के कार्यक्रम के कारण व्यस्त है। कार्यक्रम के बाद किसानों के साथ वार्ता करके योजना बनाई जाएगी।