बागपत। प्रमुख सचिव एवं जिले की नोडल आराधना शुक्ला ने विकास भवन में विकास कार्य एवं राजस्व वसूली की समीक्षा बैठक की। इस दौरान उन्होंने सरूरपुर कलां में गंदगी के ढेर को देखकर नाराजगी व्यक्त की। कूड़े के हटवाने के लिए निर्देशित किया।
बैठक के दौरान नोडल अधिकारी ने अफसरों को निर्देशित किया कोई राजस्व वसूली में किसी भी तरह की लापरवाही ना बरती जाए। जिस विभाग को जो लक्ष्य प्राप्त हुआ, उसके सापेक्ष वसूली करना सुनिश्चित करें। मुख्यमंत्री की प्राथमिकता के अनुसार संबंधित अधिकारी कार्य करें। जनमानस को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ मिलना चाहिए। जूता, मौजा, स्वेटर और पाठ्य पुस्तक बच्चों को समय से मिलनी चाहिए। समय समय पर जिलाधिकारी निरीक्षण भी कराते रहे। नारी सशक्तिकरण संकल्प अभियान नियमित रूप से चलता रहना चाहिए। नोडल अधिकारी सरूरपुर गांव की गंदगी को देखकर काफी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा इस प्रकार की गंदगी नहीं होनी चाहिए। इसका तत्काल निस्तारण किया जाए। इस दौरान डीएम ऋषिरेंद्र कुमार, सीडीओ पीसी जायसवाल, सीएमओ डॉ. सुषमा चंद्रा, डीडीओ हुब लाल, एएसपी राजेश कुमार श्रीवास्तव सहित जनपद स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
बीडीओ ने तीन सचिवों का रोका वेतन
बागपत। पिलाना ब्लॉक में सोशल ऑडिट बैठक हुई। इसमें ब्लॉक समन्वयक पहुंचे। उन्होंने मनरेगा बजट पर खर्च होने वाले धनराशि के बारे में जानकारी दी। बीडीओ कृपाल सिंह ने बताया कि कार्यक्रमों से अवगत कराया। ब्लॉक क्षेत्र में हुए विकास कार्यों से अवगत कराया। बीडीओ ने बताया कि बैठक में ग्राम विकास अधिकारी लोकपाल सिंह, मनीष कुमार और ग्राम पंचायत अधिकारी मोनू यादव उपस्थित नहीं हुए। जबकि इसकी जानकारी पूर्व में दी जा चुकी थी। जिसको देखते हुए उनका एक दिन का वेतन रोकने के आदेश दिए है।