भगवान आदिनाथ के निर्वाण महोत्सव में मचान गिरने से हुए हादसे में किसी ने अचानक कूदकर जान बचाई तो कोई नीचे दबकर कराहते हुए सहायता के लिए चिल्लाता रहा। शोर सुनकर आसपास के लोग वहां आए और तत्परता दिखाते हुए घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाकर उपचार कराया।
अस्पताल में भर्ती पुलिसकर्मी।
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निर्वाण समारोह में वंश जैन समेत अन्य श्रद्धालु पूजन संघ में शामिल थे, जो सुबह से ही मचान के ऊपर बैठे हुए थे। वंश ने बताया कि मचान गिरने लगी तो वह तुरंत नीचे कूद गया। इससे पैरों में थोड़ी चोट लगी, लेकिन उसकी जान बच गई। इसके अलावा निर्वाण महोत्सव के पुजारी वंशराज जैन ने बताया कि मचान जब गिरने लगी तो कुछ समझ नहीं आया। जब तक संभल पाते, जब तक मचान गिर चुका था और वह गिरकर नीचे दबने से घायल हो गए। सहायता के लिए आए लोगों ने मचान के नीचे से निकालकर अस्पताल पहुंचाया।
पहले खुद उठा सौरभ, फिर दूसरों को अस्पताल पहुंचाया
हादसे के वक्त मचान से सौरभ जैन भी गिर गया, जो पहले खुद उठा और फिर मचान के नीचे दबे घायलों को निकालने में जुट गया। सौरभ जैन ने काफी घायलों को निकालकर पहले एक तरफ बैठाया और फिर उन्हें अस्पताल पहुंचाया।
हमारे सामने गिरा मचान, हम चिल्लाते रह गए
बड़ौत के रहने वाले वकीलचंद जैन और अमित जैन ने बताया कि निर्वाण महोत्सव में जिस समय हादसा हुआ, वह भी परिसर में ही मौजूद थे। मचान पर एक तरफ भीड़ अधिक होने के कारण थोड़ा झुकाव होने लगा, इस पर नीचे खड़े लोग चिल्लाकर उन्हें पीछे हटने के लिए कहने लगे, तभी मचान गिर गया।